वाराणसी। बनारस क्लब मामले में गुरुवार को विधान परिषद समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान एडीएम मुनींद्रनाथ उपाध्याय नजूल से जुड़ा दस्तावेज नहीं प्रस्तुत कर सके। जिला प्रशासन ने समिति को बताया कि बनारस क्लब के दो एकड़ की भूमि के पट्टे का नवीनीकरण पहले 1925 में और बाद में 1935 में किया गया। यह भी जानकारी दी गई कि 1995 के बाद से पट्टे का नवीनीकरण नहीं हुआ है। लीज की मूल प्रति भी जिला प्रशासन के पास नहीं है। 


यह जानकारी एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने सर्किट हाउस में दी। उन्हें समिति के सभापति नरेश उत्तम पटेल ने बातचीत के लिए अधिकृत किया था। उन्होंने कहा कि सिविल न्यायालय के पास की भूमि का पट्टा करने के लिये जिला जज से परामर्श आवश्यक है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक जिला जज से परामर्श नहीं लिया गया है। इस पर सभापति ने जिला प्रशासन को नजूल मैनुअल के तहत जिला जज वाराणसी से परामर्श करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो निर्माण हुआ है, वह अवैध है। डेवलपमेंट एक्ट सेक्शन- 27 के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। लेकिन 2012 से अब तक अवैध निर्माण नहीं ढहाया गया। सभापति ने डीएम, वीडीए उपाध्यक्ष सभी साक्ष्यों लेकर लखनऊ में अगली बैठक में प्रस्तुत होने का निर्देश दिया है। नगर निगम के मामले में टाउन हॉल में राजेंद्र त्रिवेदी की पत्नी को 905 रुपये किराये पर केबिन आवंटित हुआ था। लेकिन नगर निगम के अधिकारी आवंटन की शर्तों को नहीं बता सके। इसके लिये अगली बैठक में उन्हें भी शर्तों के साथ आने के निर्देश दिये। 


जलकल के जीएम को समिति ने बुलवाकर पूछा पेयजल का हाल

समिति की बैठक में जलकल के जीएम के नहीं पहुंचने पर सभापति सहित अन्य सदस्यों ने नाराजगी जताई। समिति के निर्देश पर जलकल के जीएम वीके सिंह को बुलवाया गया और पेयजल की किल्लत को लेकर पूछताछ हुई। सभापति नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि पेयजल के मामले में मांग और पूर्ति में बहुत अंतर है। जलकल के जीएम ने फंड की कमी की हवाला दिया है। शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि पेयजल व सीवर की समस्या को लेकर नगर निगम, वीडीए, जलकल के अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करके समिति को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति के सामने जलकल के जीएम ने स्वीकारा है कि 276 एमएलडी की रोजाना जरूरत है। जबकि 208 एमएलडी आपूर्ति हो रही है। बनारस में प्रति व्यक्ति 94 लीटर की जरूरत है लेकिन इसमें समस्या आ रही है। समिति की सुनवाई में सीडीओ व कार्यकारी डीएम गौरांग राठी, एसीएम चतुर्थ नीता यादव, वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार, अपर नगर आयुक्त अनूप बाजपेयी, संयुक्त नगर आयुक्त रमेश चंद्र सिंह सहित नगर निगम, जिला प्रशासन व वीडीए के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 


समिति के सामने पक्ष रखने पहुंचे अधिवक्ता 

सर्किट हाउस में कचहरी विस्तापन और बनारस क्लब के मामले में अपना पक्ष रखने के लिये अधिवक्ता पहुंचे। यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता बटुकनाथ मौर्य के नेतृत्व में पहुंचे अधिवक्ताओं ने समिति के सभापति नरेश उत्तम पटेल को ज्ञापन सौंपा।