जयपुर। करीब एक दशक से राजस्थान के जोधपुर में रह रहे 117 पाक विस्थापितों को भारत की नागरिकता दे दी गई है। केंद्रीय गृहमंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों की मौजूदगी में जोधपुर के जिला कलेक्टर रवि कुमार सुरपुर ने 117 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे।


पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए रविवार को जोधपुर के टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कई सालों से नागरिकता के इंतजार में विस्थापितों को जैसे ही प्रमाण पत्र मिले तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।


भारतीय नागरिकता पाने वालों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए। जिला कलेक्टर रवि कुमार सुरपुर और सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिदू सिह सोढ़ा ने बताया कि अब उक्त लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। अब तक विस्थापितों के बच्चों को ना तो सरकारी स्कूल में प्रवेश मिलता था और ना ही सरकारी राशन।


गौरतलब है कि जोधपुर में वर्ष 2005 में साढ़े पांच हजार पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी । इसके बाद पिछले डेढ़ वर्ष में 233 लोगों को नागरिकता मिली।


पहले पाक विस्थापितों को काफी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी भारतीय नागरिकता के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन करीब तीन माह पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिह की पहल पर नागरिकता की प्रक्रिया सरल की गई है।




विस्थापितों ने सुनाई पीड़ा


शिविर में भारतीय नागरिकता लेने आए प्रीतम दास, जोगीराम और टीकाराम ने बताया कि पाकिस्तान में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। वहां पैसा भी छीन लिया जाता है।


बार-बार धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया जाता था । साल 2009 में पाकिस्तान से जोधपुर आकर बसे जोगीराम ने बताया कि बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पाती थी । बच्चों को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था।