आधी हक़ीक़त-आधा फ़साना के इस अंक में न्यूज 18 की टीम आपको बताएगी चमत्कार की ऐसी कहानी जो एक माता के मंदिर से जुड़ी है. उस मंदिर में बरसों से अखंड दीप जल रहा है और वो भी तेल से नहीं बल्कि सिर्फ पानी से. विज्ञान, चमत्कार को नहीं मानता लेकिन ये भी सच है कि दुनिया में ऐसी बहुत सी घटनाएं हैं, जिन्हें चमत्कार कहा जाता है और विज्ञान के पास उनका कोई जवाब नहीं है.


आज हम शुरुआत करते हैं एक ऐसी घटना से, जो पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश के लिए एक अजूबा बनी हुई है. यहां देवी का एक छोटा सा मंदिर है. जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां एक अखंड दीप सिर्फ पानी से जल रहा है.


जी हां, सिर्फ पानी से. लोग इसे देवी का चमत्कार मानते हैं. भला ये कैसे मुमकिन हैं कि पानी से दीपक जले. इसी बात की पड़ताल के लिए न्यूज 18 की टीम पहुंची मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 200 किलोमीटर दूर शाजापुर. शाजापुर से 50 किलोमीटर दूर एक छोटा सा कस्बा है आगर. लोगों ने बताया कि हिंगलाज माता के मंदिर में दीपक पिछले 35 सालों से अखंड जल रहा है.


8 साल से पहले तक वो दीपक सामान्य तेल से ही जलाया जाता था, लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि दीपक में भरा पानी भी आग पकड़ने लगा. लोगों के मुताबिक ये हिंगलाज माता का चमत्कार है. मंदिर तक पहुंचने से पहले टीम ने पुराणों से भी थोड़ी जानकारी जुटाई. जिससे पता चला कि हिंगलाज माता का ज़िक्र शिव पुराण में हुआ है. जिसके मुताबिक सति के देहत्याग के बाद जब भगवान शिव ने तांडव शुरु किया तो भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सति के 51 टुकड़े कर दिए.



वो टुकड़े जहां-जहां गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हुए. उन्हीं शक्तिपीठों में से एक पीठ हिंगलाज माता का भी है. जो इस वक्त पाकिस्तान में है और उन्हीं का एक रुप मध्यप्रदेश के उस गांव में स्थापित है, जिसकी तलाश में टीम निकली थी. कुछ देर के सफर के बाद टीम उस मंदिर तक पहुंची. टीम को देखकर हैरानी हुई कि आखिर इस छोटे से मंदिर में चमत्कार का इतना बड़ा दावा कैसे हो सकता है.


टीम को बताया गया कि मंदिर के भीतर इस सवाल का जवाब मिल जाएगा. मध्य प्रदेश के आगर में बना गड़िया घाट मंदिर में लोग दूर-दूर से अपनी मन्नत मांगने के लिए आते हैं लेकिन टीम उस चमत्कार को जानने के लिए पहुंची थी कि बगैर तेल के बाती कैसे जलती है.