नई दिल्ली,  बिहार 10वीं बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार नतीजों का इंतजार कर रहे हैं और बोर्ड की ओर से कल नतीजे जारी किए जाने हैं. लेकिन नतीजे जारी होने से एक दिन पहले ही 42 हजार कॉपियां गायब होने का मामला सामने आया है. दरअसल बिहार के नवादा से 42 हजार कॉपियां जांच के लिए गोपालगंज भेजी गई थीं लेकिन अभी तक साइंस की उन 42 हजार कॉपियों का कोई अता-पता नहीं चला है.


बताया जा रहा है कि जांच के लिए भेजी गई कॉपियों में परीक्षा समिति ने 12 टॉपर छात्रों की कॉपी जांच के लिए मंगवाई तो 42 हजार कॉपियां गायब होने का पता चला. कॉपियां गायब होने की खबर मिलते ही परीक्षा महकमे में हड़कंप मच गया और डीएम के आदेश पर कॉपियां गायब होने को लेकर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है.

रिजल्ट से एक दिन पहले कॉपियां गायब होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर परीक्षा के नतीजे जारी कैसे होंगे? साथ ही रिजल्ट जारी होने के बाद अगर कोई परीक्षार्थी अपनी कॉपी रि-चेक जांच के लिए आवेदन करता है तो उसकी क्रॉस चेकिंग कैसे होगी? वहीं दो दिन पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने दावा किया था कि दसवीं के नतीजों में बारहवीं की तरह गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी.

बता दें कि बोर्ड ने 10 बोर्ड परीक्षा का आयोजन 21 फरवरी से 28 फरवरी के बीच किया था. साथ ही प्रेक्टिकल परीक्षाएं 22 जनवरी से 24 जनवरी के बीच करवाई गई थीं. इस साल बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा 17.70 लाख छात्रों ने दी थी. ये 1,426 परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई थी. वहीं 6 जून को बिहार बोर्ड ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी किया था. जिसमें 52.95 फीसदी छात्र पास हुए थे.


बोर्ड हर साल अपने टॉपर्स को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं. पिछले साल दो साल से टॉपर्स की जानकारी पर सवाल उठे तो इस साल टॉपर की कई अटेंडेंस को लेकर बिहार बोर्ड चर्चा में आया था.