अर्जुन सिंह की पत्नी और बेटी का आरोप है कि उन्हें केरवा कोठी (देवश्री) में रहने नहीं दिया जा रहा है. अदालत से उन्होंने गुहार लगाई गई है कि सरोज को केरवा कोठी में रहने की इजाजत दी जाए.

 

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह के घर में केरवा कोठी को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है. अर्जुन सिंह की 84 वर्षीय पत्नी सरोज सिंह ने इस मामले में कोर्ट का सहारा लिया है. उन्होंने कोर्ट में बेटे अजय सिंह और अभिमन्यु सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा और संपत्ति से बेदखली का आरोप लगाया है.

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की केरवा कोठी के मालिकाना हक़ को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है. अर्जुन सिंह की पत्नी और बेटी का आरोप है कि उन्हें केरवा कोठी (देवश्री) में रहने नहीं दिया जा रहा है. अदालत से उन्होंने गुहार लगाई गई है कि सरोज को केरवा कोठी में रहने की इजाजत दी जाए.

केरवा कोठी: अर्जुन सिंह सीएम रहते 1983 में खरीदी थी जमीन
केरवा कोठी 13.32 एकड़ जमीन के बीचों-बीच 17 हजार वर्गफीट में यह कोठी बनी है. उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक, अर्जुन सिंह ने 31 अक्टूबर और 1 नवंबर और 10 नवंबर 1983 में मेंडोरा गांव में सरोज सिंह के नाम से और अजय सिंह के नाम से तीन हिस्सों में कुल 4.4 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी. इसी जमीन पर रहने के लिए देवश्री कोठी निर्मित की गई, लेकिन वर्तमान में इसका क्षेत्रफल 5.39 हेक्टेयर है यानी लगभग 1 हेक्टेयर जमीन बाद में खरीदी गई है. इस पर बने फॉर्म हाउस लागत 11.58 लाख रुपए बताई गई थी, बाद में 20.83 लाख और खर्च किए गए.

अजय सिंह ने चुनावी हलफनामें में किया है जिक्र
अर्जुन सिंह के बेटे और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने साल 2013 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग को दिए हलफनामे में अपनी संपत्ति के रूप में केरवा कोठी का जिक्र किया है. दोनों ही हलफनामों में इसका लगभग बाजार मूल्य 5 करोड़ रुपए दिखाया गया है. अजय सिंह की ओर से बताया गया है कि इस कोठी का आधा भाग उन्हें विरासत में मिला है, जबकि आधा भाग उन्होंने स्वयं अर्जित किया है.

केरवा कोठी के बारे में कई बार अर्जुन सिंह पर सवाल खड़े किए जा चुके हैं. यह फॉर्म हाउस इतना सुर्खियों में रहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इस कोठी की पूरी डिटेल दिल्ली मंगवाई थी. विधानसभा में हंगामा हुआ तो अर्जुन सिंह ने सदन को बताया था कि 15 लाख रुपए खर्च कर उन्होंने यह कोठी बनवाई है, लेकिन विपक्षी नेताओं ने तब इस कोठी की कीमत 5 करोड़ रुपए बताई थी.