बिलासपुर। दूषित पानी सप्लाई करने के मामले में चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की डीबी में शुक्रवार को अलग-अलग विभागों के अधिकारी उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे कहा कि दूषित पानी की समस्या गंभीर है, आप लोग ही बताएं कि इसका हल क्या हो सकता है। इसके अलावा अधिकारियों को चार सदस्यों की कमेटी बनाकर समन्वय स्थापित कर काम करने और चार जुलाई को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।


रायपुर निवासी मुकेश देवांगन ने गर्भवती पत्नी की 2014 में पीलिया से मौत होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया कि दूषित जल के कारण उसकी पत्नी सहित अन्य को पीलिया हुआ। नागरिकों शुद्ध पानी समेत मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना शासन का दायित्व है।


मामले में कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर रायपुर, बिलासपुर के पानी की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में रायपुर व बिलासपुर का पानी दूषित होने की जानकारी दी गई। बार-बार निर्देश के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने और तालमेल नहीं होने पर कोर्ट ने चार विभागों के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।


कोर्ट के बुलावे पर शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन व राष्ट्रीय हेल्थ मिशन, रायपुर नगर निगम के अधिकारी सीजे की डीबी में उपस्थित हुए। अधिकारियों ने कोर्ट में कहा कि गंदे पानी की समस्या से निपटने के लिए बैठक हुई है।


आगे भी बैठक कर समस्या का निराकरण किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि सिर्फ बैठक से कुछ नहीं होता। शासकीय विभागों के बीच समन्वय नहीं है। कोर्ट ने अधिकारियों को कहा कि गंदे पानी की समस्या गंभीर है। आप लोग ही बताए इसका हल क्या है। कोर्ट ने सभी विभाग के अधिकारियों को कहा कि चार सदस्यों की कमेटी बनाकर काम करने और चार जुलाई को शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।


बाक्ससेवानिवृत्त इंजीनियर की हस्तक्षेप याचिका स्वीकार


मामले में जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर टीजे थामस ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि दूषित पानी की समस्या गंभीर है। इसके लिए शासन को टोल फ्री नंबर जारी करना चाहिए।


उपभोक्ता इस नंबर पर दूषित पानी आने की तुरंत शिकायत कर सकते हैं। वहीं दूषित पानी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। इस समस्या से निपटने उन्होंने कई सुझाव दिए हैं। कोर्ट ने उनके हस्तक्षेप याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है।