भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 25 जून से शुरू होगा। इसमें भाजपा सरकार करीब एक दर्जन से ज्यादा विधेयक लाने जा रही है। सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेगी। ये करीब आठ हजार करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। इसके लिए जहां सरकार ने तैयारी कर ली है, वहीं विपक्ष ने सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है। किसानों के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का पारिवारिक विवाद भी सदन में उठ सकता है।


- चुनाव से पहले होने वाला यह सत्र 14वीं विधानसभा का आखरी सत्र माना जा रहा है। इसके चलते यह आखिरी सत्र हंगामेदार होगा।


- पक्ष और विपक्ष दोनों ही दल मानसून सत्र की तैयारियों में जुट गई है।


- मानसून सत्र से एक दिन पहले भाजपा और कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है।



भाजपा और कांग्रेस विधायक दल की बैठक


सत्र से एक दिन पहले रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक सीएम हाउस में होनी है। मुख्यमंत्री के जबलपुर से लौटने के बाद ये शुरू होगी। इस बैठक में भाजपा तय करेगी कि कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव समेत अन्य मुद्दों पर कैसे जवाब देना है। इसके साथ ही विपक्ष के आरोपों को सदन के अंदर कैसे खारिज किया जाना है। इस पर भी चर्चा होगी। बैठक का समय शाम 7.30 बजे निर्धारित किया गया है। इधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक शिवाजी नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में शाम पांच बजे से होना है। पता चला है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर बात करेंगे और कुछ जरूरी टिप्स भी देंगे। वही अजय सिंह द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।


पांच दिन चलेगा सत्र


- विधानसभा चुनाव से पहले का यह सत्र 25 से 29 जून तक चलेगा। पांच दिवसीय सत्र में पांच बैठकें होंगी। स्थगन और ध्यानाकर्षण 20 जून तक लिए जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि हमने सत्र की अवधी बढ़ाने की मांग की है लेकिन अब तक हमारी मांग नहीं मानी गई।

- सरकार इस बार कई बड़े विधेयक लाने वाली है। इनमें से दो की सूचना विधानसभा सचिवालय पहुंच चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग ने मप्र राज्य उच्च शिक्षा 2018 और मप्र राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय संस्थान 2018 विधेयक विधानसभा को भेजे हैं। 

- सूत्रों के मुताबिक विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों की सेवा आयु बढ़ाने के लिए भी मप्र विधानसभा सेवायुक्त विधेयक लाया जा रहा है।


- इसके अलावा धर्मशाला विधि विवि विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक सहित भू राजस्व संहिता, मप्र वृत्तिकर, नगर पालिका मनोरंजन कर व अमोद-प्रमोद, नगर पालिक मुद्रांक शुल्क प्रभार, निजी विवि स्थापना व संचालन संशोधन विधेयक भी सरकार मानसून सत्र में ला सकती है। 

- विधानसभा के अंतिम सत्र में करीब 1359 सवालों में से करीब 1280 सवालों को स्वीकार कर लिया गया है। जिनके प्रश्नों को जवाबों के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है।


कांग्रेस ने बुधवार को दिया अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस


- विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बुधवार को विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देकर सूचना दे दी। नोटिस देने के बाद अजय सिंह ने उम्मीद जतायी कि विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने की पूरी आजादी है और इसका सम्मान राज्य सरकार द्वारा भी किया जाना चाहिए।


क्या बोले संसदीय कार्य मंत्री


- भाजपा सरकार के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है, फिर अविश्वास प्रस्ताव का कैसा नोटिस। उन्होंने अजय सिंह को सलाह दी कि पहले अपना घर देखें। मां को घर लाकर उनका इलाज कराएं। उन्हें मां के प्रति संवेदना दिखानी चाहिए।


पिछले सत्र में भी आया था अविश्वास प्रस्ताव


पिछले सत्र में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर तीखी नोकझोक के बाद विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी आया था, लेकिन चर्चा नहीं हुई और भारी हंगामे के बाद बजट सत्र में मध्यप्रदेश विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई| कांग्रेस ने इसे काला दिन बताया था। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है 20 जून को कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव का विधानसभा में नोटिस देगी।