मोक्ष की चाहत में इनसान बहुत कुछ करता है। ऐसा ही कुछ यूपी के कौशांबी निवासी दुर्गा प्रसाद ने भी किया। जीवन के 7 दशक अकेले गुजारने वाले दुर्गा प्रसाद ने मोक्ष की चाहत में अनोखी शादी रचा ली। 


कौशांबी के मंझनपुर क्षेत्र के बाकरगंज गांव के रहने वाले 70 साल के दुर्गा प्रसाद की प्रतीकात्मक शादी आसपास के इलाकों में सुर्खियों में है। उनकी इस अनोखी शादी में गांव के लोगों ने भी खूब मौज-मस्ती की। डीजे की धुन पर बारातियों संग बूढ़े बच्चों के अलावा  महिलाएं भी जमकर थिरकीं। 


दुर्गा प्रसाद का विवाह नहीं हुआ था। गांव के लोग हमेशा उनसे इस बात पर जोर देते थे कि कुंवारा रह जाने पर मरने के बाद मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है। इस बात से वह प्राय: चिन्तित रहते थे। गांव के ही शंकर सिंह से दुर्गा प्रसाद ने बातचीत करके प्रतीकात्मक विवाह की योजना बनाई। 


इसके लिए कपास की लकड़ी को साड़ी से सजाकर दुल्हन का स्वरूप दिया गया फिर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सिल मायन के साथ वैवाहिक रस्में पूरी की गई। दूल्हा बने दुर्गा प्रसाद बारात लेकर गत मंगलवार को गांव के ही श्यामसुंदर के यहां पहुंचे। 


इस अद्भुत शादी को देखने के लिए गांव ही नहीं, आसपास के इलाके के लोग भी जमा हुए। हिंदू रीति रिवाज के तहत दुर्गा प्रसाद ने लकड़ी की बनी दुल्हन के साथ सात फेरे लिए। इस अवसर पर भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। रात्रि में नौटंकी का आयोजन किया गया।