वास्तु विज्ञान के अनुसार कोई भी घर और निर्माण पूरी तरह से वास्तु दोष से रहित नही हो सकता है। निर्माण कार्य में कुछ ना कुछ कमी रह जाती है जिनसे घर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, मानसिक उलझन, अचानक व्यय की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वास्तुदोष के कारण होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए आप चाहें तो एक आसान उपाय आजमा सकते हैं। वास्तुविज्ञान में पारद को नकारात्मक उर्जा को दूर करने वाला माना गया है। लाल किताब में राहु-केतु के दोष को दूर करने के लिए अपने साथ पारद की गोली भी साथ रखने की बात कही गई है। तो आइए देखें आप अपने घर में बरकत और सुख-समृद्धि के लिए पारद से बनी कौन-कौन सी चीजें रख सकते हैं।

वास्तु विज्ञान के अनुसार पूजा घर में पारद से बनी देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करके नियमित इनकी पूजा करने से आय की स्थिति अच्छी होती है और संचित धन बढ़ता है। कर्ज से परेशानी की स्थिति में इनकी पूजा विशेष फलदायी होती है ऐसा माना गया है।

पारद से बने श्रीयंत्र को समस्त यंत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह भगवती श्री त्रिपुरसुंदरी का यंत्र है। इस यंत्र को घर में ऐसी जगह पर रखना जाहिए जहां से आते-जाते आपकी दृष्टि इस पर जाए। ऐसी मान्यता है कि इसकी साधना से धन-वैभव बढ़ता है। यह घर में मौजूद सभी प्रकार के वास्तुदोष को दूर करता है।

आप अपने गुडलक के लिए पारद पिरामिड भी घर ला सकते हैं। ऐसा करने से आपके घर का वास्तुदोष दूर होता है। वास्तुविज्ञान के अनुसार पिरामिड को बच्चों के स्टडी रूम में रखने से उनका पढ़ाई-लिखाई में मन लगता है। इसे आप किसी भी दिन स्थापित कर सकते हैं। इसकी स्थापना में पूजा, मंत्र तथा जप आदि की आवश्यकता नहीं होती।

पारद देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से रोग, तंत्र-मंत्र बंधन आदि से रक्षा होती है। इसे आप शुक्ल पक्ष की अष्टमी, नवमी या फिर चतुर्दशी तिथी को घर या व्यावसायिक स्थल पर स्थापित कर सकते हैं। पारद दुर्गा को भय और बाधाओं को दूर करने वाला माना गया है।

पारद लक्ष्मी के समान ही पारद कुबेर का भी वास्तु विज्ञान में महत्व है। माना जाता है कि इन्हें पूजा घर में स्थापित करके नियमित इनकी पूजा करने से विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्ति का योग बनता है। संभव हो तो पारद देवी लक्ष्मी से साथ ही पारद कुबेर भी रखें। दोनों को साथ रखना विशेष प्रभावशाली माना गया है।

पारद शिवलिंग की पूजा करने से अन्य शिवलिंगों की अपेक्षा हजार गुना अधिक फल मिलता है। वास्तुदोष के प्रभाव को दूर करने के लिए आप इन्हें भी अपने घर में स्थापित कर सकते हैं।