कोलकाता सार्वजनिक क्षेत्र के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) को चालू वित्त वर्ष में 3,000 करोड़ रुपये की कर्ज वसूली की उम्मीद है। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ पवन बजाज ने शुक्रवार को यहां कहा कि एनसीएलटी में समाधान के जरिए बैंक को दो संकटग्रस्त खाते से 676 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और आगे इस साल इस माध्यम से बैंक को 3,000 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद है। 

भारतीय रिजर्व बैंक के त्वरित सुधार कार्रवाई (पीसीए) रूपरेखा के तहत बैंक चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में लाभ की स्थिति में आने की उम्मीद कर रहा है। बजाज ने नौवीं सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को बताया, “बैंक ने अपनी व्यवसाय योजना मंत्रालय को सौंप दी है, जिसे अगर मंजूरी मिलती है तो उससे लाभ की स्थिति में आने की कल्पना की जा सकती है।”

बैंक ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अभिकरण (एनसीएलटी) को 30 खातों में कुल 5,951 करोड़ रुपये फंसे होने का खुलासा किया है। दो खातों का समाधान हो चुका है। एक खाते से बैंक को 629 करोड़ रुपये के बकाए के बदले 488 करोड़ रुपये मिले और दूसरे खाते से करीब 188 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।