रायपुर। एक ओर जहां पूरे देश में खेल को बढ़ावा देने के लिए अलग-अगल प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के लापरवाहीपूर्ण रवैये से दो खिलाड़ियों को निराशा के दौर से गुजरना पड़ रहा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार दो खिलाड़ियों का चयन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के लिए हुआ है। लेकिन विवि ने फंड की कमी बताते हुए खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भेजने से इन्कार कर दिया है।


विवि के रवैये से प्रदेश के खेल संघों में आक्रोश है। हंगरी में 10 से 12 अगस्त तक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप आयोजित है। केनो स्प्रिट इवेंट में रविवि की कौशलनंदिनी ठाकुर और स्वाति साहू का चयन किया गया है। इनके प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पर चार लाख 32 हजार रुपये का खर्च आएगा। दोनों खिलाड़ियों के नाम का ड्रॉप रविवि को 10 जुलाई तक जमा करना है।


गौरतलब है कि रविवि प्रत्येक विद्यार्थी से प्रति वर्ष क्रीड़ा शुल्क के नाम पर 50 रुपये वसूलता है। विवि से संबद्घ कॉलेजों क्रीड़ा शुल्क के रूप में 100 रुपये लेते हैं। कॉलेज 50 रुपये विवि को देते हैं और 50 रुपये में कॉलेज की खेल गतिविधियों के लिए लेते हैं।


रविवि और उससे संबद्घ कॉलेजों में प्रति वर्ष 70 हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। हर साल क्रीड़ा शुल्क के रूप में विवि को 35 लाख रुपये मिलते हैं। तीन साल में एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा क्रीड़ा शुल्क विवि के पास जमा होता है, लेकिन सुविधाओं की बात करें तो विवि बहुत पीछे है।


कयाकिंग में गोल्ड मेडल जीतकर विवि का लहराया परचम


कालेज स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर दोनों महिला खिलाड़ियों का चयन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के लिया हुआ है। दूसरे खेलों से भी रविवि के खिलाड़ी शामिल हुए, लेकिन कयाकिंग-केनोइंग के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीत कर विवि के नाम का परचम देश में लहराया। खिलाड़ियों के मेडल जीतकर लौटने के बाद विवि ने खुशी जाहिर की और कहा विवि के लिए गौरव की बात है। लेकिन अब उन्हीं खिलाड़ियों के लिए फंड की कमी का रोना रो रहा है।


कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल करेगा आंदोलनः प्रवीण जैन


कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने का कहना है कि खेल विभाग और रविवि के कुलपति से चर्चा की जाएगी। चयनित खिलाड़ियों को हंगरी न भेजना, फंड का अभाव बताकर प्रतिभाओं को दबाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।


अगर विवि और शासन खिलाड़ियों की मदद नहीं करेंगे, उन्हें प्रतियोगिता में भेजने में असमर्थता व्यक्त करेंगे तो विरोध प्रदर्शन होगा। खिलाड़ियों को कांग्रेस स्पोर्ट्स सेल हर संभव मदद करेगा। उन्होंने खेल मंत्री के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की।


फंड की कमी है


विवि के पास खिलाड़ियों को भेजने के लिए पैसे नहीं हैं। पिछले वर्ष जो क्रीड़ा शुल्क के रूप में फंड आया था उसमें से केवल 12 हजार रुपये हैं। विवि के कुलपति से चर्चा की जा रही है। खिलाड़ियों को भेजने का हर संभव प्रयास होगा।- विपिन शर्मा, संचालक, शारीरिक शिक्षा, रविवि