भोपाल। सर्वर डाउन की समस्या के चलते ईआरओ नेट अपलोडिंग का काम धीमी गति से चल रहा है। एक फार्म को अपलोड होने में लंबा समय लग रहा है, इससे इस कार्य में गति नहीं आ पा रही है।शहर में मतदाता सूची मामले में 30 जून को डोर-टू-डोर सर्वे समाप्त हो गया। लेकिन अभी तक ईआरओ नेट अपलोडिंग नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार 7 जुलाई की डेडलाइन के बाद भी मतदाता सूची में 30 प्रतिशत फार्म अपडोल किया जाना बाकी है। दरअसल, इसका कारण सर्वर की धीमी गति है। बीते चार दिनों में 1 फार्म अपलोड करने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है, लिहाजा अधिकारी भी परेशान हैं। बीते दिन ही एडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट बता दिया था कि सर्वर की गति धीमी है, ऐसे में आवेदन समय से अपलोड नहीं हो सकेंगे। अब अधिकारी खासे परेशान हैं, उन्हें डर सता रहा है कि कहीं भारत निर्वाचन आयोग उन पर कोई कार्रवाई न कर दे। 

बता दें कि अधिकारियों के वेरीफिकेशन करने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट के शुद्घिकरण के लिए फार्म ऑनलाइन करने की लिमिट 7 जुलाई तय की थी। ईआरओ नेट साफ्टवेयर की धीमी गति से अधिकारी व कर्मचारी इतने परेशान हो गए हैं। उन्होंने 12 कम्प्यूटरों की जगह 30-30 कम्प्यूटर ऑफिस में लगवा लिए हैं और मतदाता सूची में संशोधन के लिए बीएलओ द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे कर कलेक्ट किए गए फार्म अपलोड कराने में लगे हुए हैं। भोपाल जिले में नाम काटने के कुल फार्म 89 हजार 247 अपलोड हुए हैं, जबकि 25 हजार फार्म अभी भी अपलोड होना बाकी है। इसमें शिफ्टेड, एबसेंट व डेड वाले फार्म शामिल हैं। जिन मतदाताओं के फार्म अपलोड हो गए हैं, उनके परिवार जनों को या उनके मकान मालिकों को नोटिस थमाए जा रहे हैं। नोटिस की तामील कराने के बाद पंचनामा बनाकर इन मतदाताओं के नाम काटने की कार्रवाई की जा रही है।26 हजार 189 मतदाता जो अपने पते पर उपस्थित नहीं मिले हैं उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं।