ग्वालियर। बरसात के मौसम में मई के दूसरे पखवाड़े जैसी गर्मी ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिसे अधिक 41.9 डिसे तक पहुंच गया। इतनी गर्मी औसत रूप में मई के दूसरे पखवाड़े में रहती है।


मौसम विज्ञानियों के अनुसार मौसम के हाल में सोमवार से आंशिक बदलाव शुरू हो जाएगा। 10 से 12 जुलाई केबीच अच्छी वर्षा की उम्मीद जताई है। हल्के बादलों की आवाजाही के बावजूद रविवार को पारा सुबह से ही तेज रफ्तार से आगे बढ़ा। पारे की तेज रफ्तार का आलम यह रहा कि सुबह 10.30 बजे ही यह औसत तापमान 36.8 डिसे को पार कर 37.0 डिसे पर पहुंच गया था। पारे में तेजी का दौर यहीं नहीं थमा। दोपहर 12.30 बजे बढ़कर यह 40.0 डिसे, 3.10 बजे यह सामान्य से 5.1 डिसे अधिक उच्चतम शिखर 41.9 डिसे तक पहुंच गया।


मौसम विज्ञानियों के अनुसार औसत रूप में इतनी गर्मी 16 से 20 मई के बीच रहती है। इन दिनों का औसत तापमान 42 डिसे रहता है। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.7 डिसे अधिक 27.6 डिसे दर्ज किया गया।


पिछले साल से भी बुरी स्थिति


मौजूदा स्थिति में वर्षा का हाल पिछले साल से भी बदतर है। पिछले साल 8 जुलाई तक मासिक वर्षा का आंकड़ा 75.2 व सीजनल वर्षा का आंकड़ा 173.5 मिली मीटर था। वहीं इस बार मासिक वर्षा का आंकड़ा 2.4 व सीजनल वर्षा का आंकड़ा 95.5 मिली मीटर पर सीमित है।


11 जुलाई को भारी वर्षा के आसार जताए


- राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र नईदिल्ली के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर,चंडीगढ़, सतना, अंबिकापुर होती हुई बंगाल की खाड़ी के बीच बनी हुई है। इस ट्रफ लाइन के नीचे आते ही यहां की स्थिति में 10 से 12 जुलाई के बीच अच्छी वर्षा के आसार हैं।


मौसम केन्द्र ने 11 जुलाई को भारी वर्षा के आसार जताए हैं। स्थानीय मौसम कार्यालय प्रभारी उमाशंकर चौकसे के अनुसार रविवार की ओवर हीटिंग का आंशिक असर सोमवार को दिख सकता है। उसके बाद तीन दिन तक मध्यम से तेज वर्षा की स्थितियां बन रहीं हैं।