इलाहाबाद म्योराबाद चर्च के इर्दगिर्द खाली पड़ी जमीन को चहारदीवारी से घिरवाने पर विवाद हो गया। तीन मोहल्लों के लोग भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ एकजुट होकर बाउंड्री का काम रुकवाने के लिए पहुंच गए। भाजपा कार्यकर्ताओं के बुलावे पर शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी पहुंचे। काफी देर तक नोकझोंक के बाद काम रुकवा दिया गया।


चर्चेज ऑफ नॉर्थ इंडिया के लखनऊ डायोसिस के अंतर्गत आने वाले म्योराबाद चर्च के इर्दगिर्द की जमीन पर चहारदीवारी खड़ी कराने का काम कराया जा रहा था। रविवार शाम यह देखकर गणेशनगर, कमलानगर और म्योराबाद के लोग एकजुट होकर विरोध करने लगे। यह लोग काम रुकवाने पर अड़ गए। म्योराबाद चर्च के पादरी प्रवीण मसीह का कहना है कि चर्च की 6.8 एकड़ जमीन है। चर्च के इर्दगिर्द खाली पड़ी जमीन पर लोग कूड़ा फेंक रहे हैँ। इससे गंदगी फैल रही है। सफाई व्यवस्था के लिए बाउंड्री कराई जा रही है। खाली पड़ी जमीन पर अराजक लोगों का जमावड़ा भी होता है। लिहाजा बाउंड्री कराना जरूरी है। वहीं, मोहल्लेवालों ने इस बात पर सवाल खड़ा किया कि जमीन चर्च की है। इसे लेकर काम रुकवाने पर अड़ गए। इसे लेकर काफी नोकझोंक भी हुई। सूचना पर विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बात की। मसीही समुदाय का कहना था कि बाउंड्री के बाद परिसर में शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक ही इंट्री दी जाएगी। नौ बजे गेट बंद कर दिया जाएगा। इसका लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि जमीन चर्च की नहीं है। उन्होंने बाउंड्री का काम रोक देने को कहा। यह भी कहा कि जमीन के कागजों की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे कुछ किया जाए। जमीन जिसकी होगी, उसी की रहेगी। लेकिन विवाद का फैसला नहीं होने तक बाउंड्री निर्माण रोक दिया जाए। पादरी ने फिलहाल काम रुकवा दिया है।


पहले भी हो चुका विवाद


म्योराबाद चर्च के इर्दगिर्द जमीन पर चहारदीवारी निर्माण को लेकर तकरीबन डेढ़ साल पहले भी विवाद हो चुका है। आसपास के लोगों ने उस दौरान भी वहां पहुंचकर काम रुकवा दिया था। डेढ़ साल बाद वही विवाद फिर ताजा हो गया है। वहीं, पादरी ने कहा कि पिछले विवाद के बाद तत्कालीन डीएम संजय कुमार ने बाउंड्री निर्माण का आदेश दिया था। हालांकि विधायक के मांगने पर पादरी की ओर से आदेश नहीं दिखाया गया। चौकी इंचार्ज बेली बृजेश यादव का कहना है कि घटना की सूचना नहीं मिली है। किसी भी पक्ष ने थाने पर कोई सूचना नहीं दी है।


डीएम के यहां पहुंचा मामला


जमीन विवाद का यह मामला डीएम तक पहुंच गया है। डीएम ने दोनों पक्षों को मिलने के लिए बुलाया है। वहीं, मसीही समुदाय का कहना है कि जमीन चर्च के नाम लीज है।