लखनऊ।  तीन दशक तक पुलिस की नाक में दम रखने वाले पूर्वांचल के कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार को दिन निकलते ही बागपत जिला जेल में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इससे पूरे सूबे में सनसनी फैल गई।

वैसे तो मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप उसी जेल में बंद  वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश सुनील राठी पर है। लेकिन मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, रिटायर सीओ जेएन सिंह और उनके बेटे प्रदीप सिंह पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। 

बागपत में खेकड़ा पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा कि ये तीनों पुलिस के लिए मुखबिरी का काम कर रहे थे। इन तीनों ने सहयोगी विकास उर्फ राजा के साथ षडयंत्र रचा, फिर अपराधियों से मिलकर जेल के अंदर हत्या करवा दी। इसी तहरीर पर मामला दर्ज किया जाएगा।

बता दें कि मुन्ना बजरंगी को रविवार देर शाम झांसी जेल से बागपत लाया गया था। यहां बड़ौत से पूर्व बसपा विधायक रहे लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मुकदमे में बागपत कोर्ट में सोमवार को उसकी पेशी थी। रविवार सुबह जेल के अंदर  ही मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

दस गोलियां लगीं : 

करीब तीन घंटे तक जेल में पड़ताल के बाद डीएम व एसपी ने मीडिया को घटनाक्रम की जानकारी दी कि मुन्ना बजरंगी को करीब दस गोलियां लगी हैं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिस्टल की बरामदगी को सर्च ऑपरेशन जारी है। सुनील राठी द्वारा हत्या की बात कही जा रही है, जिसकी पड़ताल जारी है।


मुख्यमंत्री बोले : 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेल के अंदर हत्या की घटना बेहद गंभीर मामला है। घटना की न्यायिक जांच कराने और जेलर को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। हत्याकांड की गहराई से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।