जयपुर। अजमेर स्थित विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह और पुष्कर में जगत पिता ब्रह्म मंदिर अब एक सुरंग के जरिये जोड़े जाएंगे। पुष्कर में दुनिया का एकमात्र ब्रह्माा मंदिर है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत उक्त दोनों धार्मिंक स्थलों को सुरंग के जरिये जोड़ा जाएगा।


अरावली पर्वत मालाओं के बीच बसा अजमेर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जितना जाना जाता है, उससे कहीं ज्यादा इस शहर को सांप्रदायिक सौहार्द की नगरी के रूप में पहचाना जाता है। दुनिया से लाखों लोग यहां अपनी मुरादें लेकर गरीब नवाज के दर आते हैं तो जगत पिता ब्रह्माा की नगरी पुष्कर भी पहुंचते हैं।


अजमेर-पुष्कर के बीच सड़क मार्ग से फासला 25 किलोमीटर का है। यह सफर तय करने के लिए घाटी को पार करना होता है, जिसमें कई खतरनाक मोड़ भी हैं। कई बार इस घाटी पर गंभीर हादसे हो जाते हैं। अब इन दोनों को सुरंग से जोड़ने के बाद हादसों में भी कमी आएगी और लोगों का समय भी बचेगा।


अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट प्रारम्भिक तौर पर रखा गया है। आवश्यक्ता के अनुसार बजट बढ़ा दिया जाएगा। दो बड़े धार्मिंक स्थलों को जोड़ने वाली सुरंग अजमेर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी, वहीं पर्यटकों के लिए यह किसी रोमांच से कम नहीं होगी।