नई दिल्ली,  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सएप के द्वारा फैल रही अफवाह और इनके कारण हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने सभी को झकझोर दिया था. जिसके बाद मोदी सरकार ने भी वॉट्सएप को कदम उठाने को कहा था. अब मंगलवार को वॉट्सएप ने फर्जी अफवाह को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन्होंने लोगों को बताया है कि कैसे फर्जी खबरों और अफवाहों से बचा जाए. वॉट्सएप ने मंगलवार को देश के मुख्य अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन देकर 10 प्वाइंट्स में लोगों को इसके बारे में समझाया.


इन 10 प्वाइंट्स के बारे में बताया...


1. अग्रेषित किए गए संदेशों से सावधान रहें


2. ऐसी जानकारी के तथ्यों पर सवाल उठाएं जो आपको परेशान करती है


3. ऐसी जानकारी की जांच करें जिसपर यकीन करना कठिन हो


4. ऐसे संदेशों से बचें जो थोड़े अलग दिखते हैं


5. संदेशों में मौजूद फोटो को ध्यान से देखें


6. लिंक की भी जांच करें


7. अन्य स्त्रोतों का उपयोग करें


8. सोच समझकर संदेशों को साझा करें


9. आप जो देखना चाहते हैं उसे नियंत्रित कर सकते हैं


10. झूठी खबरें अक्सर फैलती हैं


सरकार और वॉट्सएप साथ में कर रहे काम


गौरतलब है कि अफवाह फैलने से देशभर में हो रही मॉब लिंचिंग के घटनाओं के बाद सरकार अब इसपर रोक लगाने की कोशिशों में जुटी है. इसी वजह से बच्चा चोरों, झूठी खबरें और फर्जी वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के लिए फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद लेने की योजना बना रही है. बच्चा चोरी की अफवाह की वजह से करीब एक दर्जन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है.


हाल ही में सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी थी कि वह इसे रोकने के लिए उपाय करे. इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए वॉट्सऐप ने बीते बुधवार को सरकार को एक तीन पेज का लेटर भेजकर अपना जवाब दिया था.


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैली बच्चों को अगवा करने की अफवाहों के चलते एक साल में कम से कम 29 लोगों को पीट-पीट कर मार डाला गया.