बागपत, बागपत जेल में माफिया डॉन मु्न्ना बजरंगी की हत्या दुश्मनी के चलते की गई या किसी साजिश का हिस्सा है. क्या वाकई मुन्ना बजरंगी की हत्या सुनील राठी ने की? क्या हत्या के वक्त सुनील राठी के अलावा कोई और शामिल था? क्या हत्या किसी के इशारे पर की गई? क्या सरकारी सिस्टम के किसी आदमी का ही है ये सारा खेल? ये सारे सवाल मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद से ही सबके दिमाग में घूम रहे हैं.


दो तस्वीरें, ढेरों अंतर


लेकिन आजतक के हाथ हत्या के ठीक बाद खिंची मुन्ना बजरंगी की दो ऐसी तस्वीरें लगी हैं, जो इस हत्याकांड का राज खोलने में अहम सुराग साबित हो सकता है.आजतक के हाथ लगी इन दोनों तस्वीरों में हम जो सबूत दिखाएंगे वो आपका दिमाग हिलाकर रख देगा. पहली तस्वीर जहां हत्या के बाद तुरंत खिंची लग रही है, वहीं दूसरी तस्वीर काफी देर बाद की है.


हत्या के ठीक बाद खिंची पहली तस्वीर में मुन्ना बजरंगी जमीन पर पड़ा है और उसके सीने के बीचोबीच बनियान के ऊपर से गोली का निशान दिख रहा है. इस तस्वीर में मुन्ना बजरंगी के शरीर से निकल रहा खून बिल्कुल ताजा लग रहा है. मतलब साफ है कि यह तस्वीर गोली मारने के ठीक बाद ली गई. शरीर पर और फर्श पर पड़े खून की रंगत बता रही है कि ताजा-ताजा गोलियां मारी गई हैं. इस तस्वीर से यह भी साफ है कि किसी ने बाकायदा लाश के पास खड़े होकर यह तस्वीर खिंची है, वह भी गोलियां लगने के फौरन बाद.

वहीं दूसरी तस्वीर मुन्ना बजरंगी की हत्या के कुछ देर बाद की लग रही है, यानी मुन्ना बजरंगी को गोली मारे कुछ वक्त बीत चुका है. सबूत के तौर पर शरीर और जमीन पर बिखरे खून की रंगत देखिए. खून जमना शुरू हो चुका है और उसकी रंगत थोड़ी काली पड़ चुकी है. फोरेंसिक विज्ञान के मुताबिक जैसे-जैसे मौत का वक्त बीतता जाता है, खून की रंगत बदलने लगती है. वो सुर्ख लाल से कत्थई और फिर लगभग काला पड़ जाता है.


बढ़ गए गोलियों के निशान


लेकिन दोनो तस्वीरों में समानता ये है कि लाश की पोजीशन नहीं बदली है. मुन्ना बजरंगी के हाथों की पोजीशन पहली और दूसरी दोनों तस्वीरों में एक जैसी है. लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि पहली तस्वीर में जहां मुन्ना बजरंगी के सीने में सिर्फ एक गोली का निशान दिख रहा है, वहीं दूसरी तस्वीर में गोली के तीन निशान दिख रहे हैं.


पहली तस्वीर में मुन्ना बजरंगी के सीने के बीचोबीच बनियान के ऊपर से गोली मारी गई लग रही है, लेकिन शरीर में कहीं और गोली का निशान नहीं दिख रहा है. लेकिन दूसरी तस्वीर में सीने के बीचोबीच मारी गई गोली का निशान तो है ही, इसके अलावा सीने के बगल में भी गोली मारने के दो निशान दिख रहे हैं.


इन दोनों तस्वीरों को देखने के बाद साफ लग रहा है कि पहली तस्वीर खींचने के बाद मुन्ना बजरंगी को कम से कम तीन गोलियां और मारी गईं. इसके बाद फिर से दूसरी तस्वीर क्लिक की गई.


दूसरी तस्वीर में दिख रही गोलियों के निशान से यह भी साफ लग रहा है कि बाद में मारी गई गोलियां मुन्ना बजरंगी के सीने से बिल्कुल सटाकर मारी गईं. क्योंकि नजदीक से चलाई गोली से निकला बारूद मरने वाले के शरीर पर साफ दिख रहा है. ऐसा तभी होता है जब गोली ज्यादा से ज्यादा आधा फीट की दूरी से चलाई गई हो. यानी की पहले मुन्ना बजरंगी के गोली मारी गई, फोटो खीचीं गई. इसके बाद मौत को पुख्ता करने के लिए फिर से कम से कम तीन गोलियां मारी गईं और फिर से तस्वीर खींची गई.


यह दोनों तस्वीरें मुन्ना बजरंगी की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े करती हैं-:


- पहली तस्वीर क्यों खीचीं गई?


- हत्या के बाद लाश की फोटो खींचने का क्या मकसद था?


- क्या मुन्ना बजरंगी की लाश की पहली फोटो हत्यारे ने ही खींची, या कोई और था?


- क्या हत्यारे ने पहली तस्वीर खींचकर किसी को भेजी थी?


- क्या हत्यारे ने जिसे पहली तस्वीर भेजी, उसने मुन्ना बजरंगी को और गोलियां मारने का आदेश दिया था?


- क्या हत्यारे ने किसी के इशारे पर मुन्ना बजरंगी की हत्या की थी?


- जानकारी के मुताबिक हत्या के वक्त बैरक के पास लगा सीसीटीवी काम नही कर रहा था. क्या ऐसा जानबूझकर किया गया था, या यह सिर्फ जेल प्रशासन की लापरवाही है?


- जिस तरह से हाई सिक्योरिटी बैरक में हत्यारे ने गोली मारकर फोटो खींची, इससे साफ है कि वो पूरे इत्मिनान में था कि काम होने तक उसे कोई पकड़ने नहीं आएगा. तो क्या जेल प्रशासन या सिस्टम का आदमी हत्यारे से मिला हुआ था?


- हत्या के फैरन बाद फोटो खींचना, फिर और गोलियां मारकर दूसरी तस्वीर खींचना साफ करता है कि हत्यारा किसी के सम्पर्क में था. तो क्या वाकई ये मामला कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का है?


- या कहीं सरकारी मशीनरी ने ही मुन्ना बजरंगी को सोची समझी साजिश के तहत ठिकाने तो नहीं लगवाया?


मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने केंद्रीय मंत्री पर लगाया हत्या करवाने का आरोप


मुन्ना बजरंगी की हत्या को लेकर तमाम शक इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने चंद दिनों पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करके यूपी एसटीएफ पर आरोप लगाया था कि वो मुन्ना की हत्या करा सकते है.


आजतक के पास मौजूद मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद की दोनो फोटो काफी साफ इशारा करती है जिसमें हत्या के आरोपी सुनील राठी, जेल प्रशासन से लेकर यूपी पुलिस सब शक के घेरे मे हैं. अब देखना ये है कि कोई भी जांच इस हत्या के सच को बाहर ला पाता है या नहीं?