बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या ने उत्तर प्रदेश सरकार की नींद उड़ा रखी है. इस लापरवाही ने प्रदेश के बाकी जेलों में बंद हाई प्रोफाइल डॉन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आइए जानते हैं उन गैंगस्टर और डॉन के बारे में जो यूपी की जेलों में बंद है....

मुख्तार अंसारी- उत्तर प्रदेश के मउ से बसपा एमएलए मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है. उन पर 40 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हैं. जान को खतरा देखते हुए 2006 से उन्हें कई जेलों में रखा गया.   

 अतीक अहमद- उत्तर प्रदेश और बिहार में अतीक अहमद पर हत्या, किडनैपिंग, जबरन वसूली जैसे 44 मामले दर्ज हैं. वो अभी देवरिया जेल में बंद है. लखनऊ, कौशाम्बी, चित्रकूट, इलाहबाद और बिहार के कुछ शहरों में भी उन पर मामले चल रहे हैं.

सुभाष ठाकुर  माफिया सुभाष ठाकुर फतेहगढ़ जेल में बंद है. ठाकुर को इंटरनेशनल डॉन दाऊद इब्राहिम से जान का खतरा माना जाता है. पिछले साल बनारस कोर्ट में याचिका दायर कर ठाकुर ने डॉन दाऊद इब्राहिम से जान को खतरा बताते हुए बुलेट प्रूफ जैकेट और सिक्यूरिटी की मांग की थी.

ब्रजेश सिंह गैंगस्टर ब्रजेश सिंह बनारस जेल में बंद है. उन पर 27 से ज्यादा मामले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल में दर्ज हैं. 2008 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ब्रजेश सिंह को उड़ीसा से गिरफ्तार किया था. ब्रजेश पर 5 लाख रुपये से ज्यादा का इनाम सरकार ने घोषित किया था.

मुबारक खान माफिया मुबारक खान एक पूर्व मंत्री की हत्या की साजिश रचने के मामले में सुल्तानपुर जेल में बंद है. कुछ समय पहले उसने कोर्ट में याचिका दायर कर सिक्यूरिटी की मांग की थी. उसने यह आरोप लगाया था कि उसे एक साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया था और उसकी जान को एक नेता से खतरा है. इसलिए उन्हें सिक्यूरिटी दी जाए.

कई कैदियों को किया गया शिफ्ट...इन डॉन माफिया के अलावा 6 ऐसे और भी कुख्यात गैंगस्टर हैं जिनकी जान को खतरा देखते हुए बाराबंकी जेल से ट्रांसफर किया गया. इनमें शामिल हैं महेंद्र मिश्रा जिसे खीरी जेल भेजा गया. जबकि राकेश उर्फ़ हनुमान पांडे और अजय कुमार सिंह को उन्नाव जेल, अजय प्रताप सिंह को देवरिया, मिंटू सिंह को मिर्जापुर, बलराम सिंह को फतेहपुर जेल भेजा गया.