भोपाल। पुलिस ने देह व्यापार के एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो सुनसान स्थानों पर कार खड़ी कर उसमें अनैतिक काम को अंजाम देते थे। साथ ही गिरोह की कॉर्ल गर्ल के जरिए ग्राहकों को ब्लैकमेल करते थे।पुलिस ने महाराष्ट्र की एक कॉल गर्ल के साथ गिरोह के सरगना और दलाल को गिरफ्तार किया है। उनके पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।


एसपी (साउथ जोन) राहुल लोढ़ा ने बताया कि पिछले दिनों शाहपुरा पुलिस ने शाहपुरा स्थित एक शॉपिंग मॉल के पास फ्लैट में चल रहे देह व्यापार रैकेट का खुलासा हुआ था। धरपकड़ के दौरान गिरोह के लिए दलाली करने वाला राहुल नामक युवक फरार हो गया था। पुलिस ने मौके से दो लड़कियों और एक युवक को गिरफ्तार कर उनके मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। मामले की जांच के दौरान पता चला था कि इस रैकेट का सरगना ऑशिमा मॉल के पास रहने वाला दिलीप कुमार गोयल उर्फ गोल्डी (32) है।


शाहपुरा के सुनसान इलाके में कार में पकड़ाए


सोमवार रात करीब 9.30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि शाहपुरा में दानापानी रेस्टोरेंट के पास अंधेरे में खड़ी एक कार में अनैतिक कृत्य हो रहा है। इस आधार पर महिला थाना प्रभारी शिखा बैस और शाहपुरा थाना की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर कार को चैक किया। उसमें एक युवती दो लोगों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिली। युवकों की पहचान ऑशिमा मॉल के पास रहने वाले दिलीप कुमार गोयल उर्फ गोल्डी और अर्जुन पाल (23) के रूप में हुई।


पूछताछ में युवती ने बताया कि वह महाराष्ट्र की रहने वाली है। उसे अनैतिक कार्य के लिए गोल्डी ने बुलाया था। यह भी पता चला कि अनैतिक कार्य के लिए उसे ग्राहक के साथ कार में भेजा जाता था। तलाशी के दौरान पुलिस को कार से आरोपितों के मोबाइल फोन नकदी 5 हजार रुपए के अलावा बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।


राजस्थान रायफल्स में रह चुका है गोल्डी


एसपी ने बताया कि गोल्डी राजस्थान रायफल्स में नौकरी कर चुका है। वह गिरोह का सरगना है। उसके महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार,पश्चिम बंगाल में सक्रिय रैकेट्स से संबंध हैं। गोल्डी ने भोपाल में धंधा चलाने के लिए अपने ऐजेंट फैला रखे हैं, जो ग्राहकों की तलाश करते रहते हैं। ऐजेंट्स से डिमांड मिलते ही गोल्डी अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके ग्राहकों की पसंद के अनुसार लड़कियों को बुला लेता था। युवतियां सिर्फ दस दिन के पैकेज पर आती थीं। इसके बाद गोल्डी,अपने दलालों के जरिए उन्हें सप्लाई कर मोटी रकम ऐंठ लेता था।


बाद में करते थे ब्लैकमेल


एसडीओपी मिसरोद विजय पुंज ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस को कार से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली। ये सामग्री ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी थी। इस संबंध में पूछताछ करने पर आरोपित पुलिस को गुमराह करते रहे। सख्ती करने पर पता चला कि इस्तेमाल की हुई सामग्री से गिरोह के लोग ग्राहक को दुष्कर्म के केस में फंसाने का डर दिखाकर ब्लैकमेल करते थे। आरोपितों से इस बारे में पूछताछ की जा रही है।