जयपुर राजस्थान के बाड़मेर जिले में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है, जिसमें एक दुर्घटना में घायल हुए लोगों की मदद करने की बजाय राहगीर और स्थानीय लोग सेल्फी और वीडियो बनाते रहे। पुलिस के मुताबिक, समय पर इलाज मिलता तो घायलों की जान बचाई जा सकती थी।


सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मिनट 43 सेकेंड के वीडियो में लगभग 20 लोग दुर्घटना स्थल पर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन कोई भी घायलों की मदद के लिए आगे नहीं आया।


दुर्घटना के शिकार तीन घायलों में से एक व्यक्ति खून में लथपथ था और दर्द से कराह रहा था, लेकिन भीड़ में से कोई भी व्यक्ति उसकी मदद करने को आगे नहीं आया बल्कि लोग सड़क पर पड़े घायलों की सेल्फी और वीडियो बनाते रहे।


बाड़मेर के चौहटन थानाधिकारी मनोहर ने बुधवार को बताया कि सोमवार को चौहटन क्षेत्र में मोटर साइकिल पर जा रहे तीन दोस्तों को एक स्कूल बस ने टक्कर मार दी थी, जिससे तीनों बाइक सवार घायल हो गए थे।


उन्होंने बताया कि हादसे में परमानंद मेघवाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो घायलों चदांराम एवं गेमराराम को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर लाया गया।


उपचार के दौरान गेमराराम की बाड़मेर में मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल चंदाराम को जोधपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। तीनों मृतकों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी। उन्होंने कहा कि यदि समय पर घायलों को मदद मिल जाती तो उन्हें बचाया जा सकता था।