जयपुर। राजस्थान में बूंदी जिले के हरिपुरा गांव की खाप पंचायत ने एक तुगलकी फरमान दिया है। पंचायत के पंचों ने पांच साल की मासूम बच्ची रेखा से टिटहरी का अंडा फूट जाने पर उसे समाज से बहिष्कृत करने की सजा दे दी। मासूम बच्ची को 11 दिन तक उसके घर से बेदखल कर दिया गया। बच्ची को घर के बाहर लोहे के पलंग पर ही रहने की सजा दी गई। चाहे कितनी ही तेज बरसात हो या फिर धूप उसे घर के बाहर ही लोहे के पलंग पर रहने का फरमान पंचों ने सुनाया।


मासूम के परिजनों को हुक्म दिया गया कि वे उसे केवल भोजन और पानी उपलब्ध करवा सकेंगे, लेकिन घर के अंदर नहीं आने देंगे और न ही अधिक बातचीत करेंगे। परिजन बच्ची को छू नहीं सकेंगे।


भयभीत परिजनों ने नहीं किया सजा का विरोध-


पंचों द्वारा मंगलवार शाम सुनाए गए इस फरमान के बाद मासूम बच्ची के परिजनों में भय उत्पन्न हो गया। परिजन मंगलवार पूरी रात बच्ची के पलंग से कुछ दूर ही बैठे रहे, लेकिन वह पंचों के फैसले के खिलाफ इसिलए नहीं बोले, क्योंकि उन्हें इस बात का भय था कि वह कुछ बोलेंगे तो मासूम की सजा बढ़ा दी जाएगी।


पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुए पंच-


इस मामले की जानकारी बुधवार को सुबह जिला पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को मिली तो एक टीम गांव में भेजी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची तब तक पंच फरार हो चुके थे।


बच्ची के घर के बाहर पुलिस तैनात-


आधा दर्जन पुलिसकर्मी बच्ची के घर के बाहर तैनात करने के साथ ही फरार पंचों की तलाश में टीम भेजी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्ची अब घर में ही परिजनों के साथ रहेगी।


यह है मान्यता-


राजस्थान में टिटहरी के अंडे देने से बरसात का अनुमान लगाया जाता है। यदि टिटहरी ने खुले में अंडे दे दिए तो यह माना जाता है कि बरसात अच्छी होगी, वहीं यदि खाघ अथवा गंदे स्थान पर अंडे दे दिए तो बरसात नहीं होगी।