नई दिल्‍ली। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ लेने वाले लाभार्थियों से बात करने के क्रम में पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला स्वयंसहायता समुहों से बात की। नमो ऐप के माध्यम से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने उन महिलाओं के अनुभव जाने जिन्होंने योजनाओं से लाभ लेकर खुद का समाज में स्थान बनाया है।


इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के वक्त में कोई भी सेक्टर देख लें तो महिलाएं हर क्षेत्र में बड़ी संख्या में नजर आती हैं। देश में कृषि और डेयरी सेक्टर की तो महिलाओं के योगदान के बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती।


पीएम ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के 22 जिनों में 122 बिहान बाजार आउटलेट बनाए गए हैं। इन पर 200 प्रकार के वो उत्पाद मिलते हैं जो महिला स्वयंसहायता समुहों द्वारा बनाए गए हैं। हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में, छोटे उद्यमियों के लिए, श्रमिकों के लिए, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये सेल्फ हेल्प ग्रुप्स एक तरह से गरीबों, खासकर महिलाओं की आर्थिक उन्नति का आधार बने हैं


पीएम ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज देशभर की 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं से संवाद करने का अवसर मिला है। आप सब अपने आप में संकल्प, उद्यमशीलता और सामूहिक प्रयासों का एक प्रेरणादायी उदाहरण हैं। महिला सशक्तिकरण की जब हम बात करते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है, महिलाओं को स्वयं की शक्तियों को, अपनी योग्यता को, अपने हुनर को पहचानने का अवसर उपलब्ध कराना।


पीएम बोले कि दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत देश भर की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में करोड़ों ग्रामीण गरीब परिवारों तक पहुंचने का, उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना को सभी राज्यों में शुरु किया जा चुका है और मैं सभी राज्यों और वहां के अधिकारियों का भी अभिनन्दन करना चाहूँगा जिन्होंने इस योजना को लाखों-करोड़ों महिलाओं तक पहुँचा कर उनके जीवन में सुधार लाने का काम किया है।


पीएम आगे बोले हमारी सरकार में पहले की तुलना में चार गुना अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप बने हैं और चार गुना अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा गया है। जो महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ में मुझे ई-रिक्शा पर सवारी करने का मौका मिला और आज वो ई-रिक्शा महिलाएं चला रही हैं। दुर्गम इलाकों में इससे आवाजाही करना आसान हुआ और महिलाओं की आय भी बढ़ी।