वाराणसी कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बुधवार की शाम राहत मिली। गरज-चमक के साथ कई इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। जिससे तापमान में गिरावट आई है। किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 65 फीसदी दर्ज की गई।  


इस बार मानसून ने देर से आया। जून के अंतिम सप्ताह में एक-दो दिन बारिश हुई। इसके बाद से बारिश का इंतजार हो रहा है। कई बार बादल आए लेकिन बिना बरसे ही निकल गए। बारिश न होने से गर्मी और उमस काफी बढ़ गई थी। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दिन की धूप असहनीय हो गई थी। 


बुधवार देर शाम मौसम का मिजाज बदला। घने बादलों ने आकाश में डेरा जमा लिया। नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों मे भी बारिश हुई। रामेश्वर प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से पशुओं को हरा चारा, गन्ना, साग-सब्जी, मकई, उतैला, मूंग, तिल्ली सहित खरीफ की अन्य फसलों के लिए लाभप्रद होगा। धान की नर्सरी के लिए भी बारिश फायदा पहुंचाएगी। 


मौसम वैज्ञानियों का कहना है कि यह थंडर स्टार्म का असर है। दिनभर की हीटिंग और शाम को नमी के संयोग से गरज-चमक के साथ छीटें पड़ते हैं। इसका असर सीमित और अस्थायी होता है। प्रो.बीआरडी गुप्ता का पूर्वानुमान है कि अगले तीन चार दिनों तक थंडरस्टार्म की स्थितियां रहेंगी। इसका कारण कि बंगाल की खाड़ी में बना हवा के कम दबाव का क्षेत्र है, जिससे नमी की मात्रा बढ़ रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ (द्रोणिका) धीरे-धीरे अपने सामान्य स्थिति की ओर लौट रही है। थंडरस्टार्म की स्थिति बनेगी। हल्की से तेज बारिश हो सकती है। गर्मी और उमस से राहत मिलेगा। झमाझम बारिश  के आसार अभी नहीं हैं।