बूंदी. गुरुवार को बाल विकास संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी बूंदी के पास हरिपुर गांव पहुंची। जहां मनन चतुर्वेदी ने पंचों को जमकर लताड़ा। पंचों पर आरोप है कि उन्होंने 6 साल की बच्ची को टिटहरी के अंडे फूटने पर समाज से बाहर करने की सजा सुनाई थी। जिसके चलते बच्ची पिछले 10 दिन से अपने परिवार और घर से दूर बस एक टीन शेड के नीचे रह रही थी।

 

- पंचों को फटकार लगाते हुए मनन चतुर्वेदी ने कहा कि बच्ची को माता-पिता से दूर नहीं किया जा सकता। मनन ने पंचों को लताड़ लगाते हुए कहा कि जो जीव आंखों से दिखाई नहीं देते उनकी हत्या तो रोज आप अनजाने में करते हैं। एक बच्ची से गलती से अंडा टूट गया। आपके पैरों से तो रोज कई चीटियां मर रही होंगी। ऐसे में आपको क्या सजा दी जाए। 

- साथ ही मनन चतुर्वेदी ने गांव की और समस्याओं के बारे में भी जाना। मनन ने कहा कि गांव में कई समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का कारण जागरुकता का अभाव है। सरकार ने कई लोगों को नियुक्त किया है। जो पीड़ित की मदद कर सके, लेकिन जागरुकता के अभाव में शिकायतें ही नहीं मिलती। इस केस में भी किसी पड़ोसी या व्यक्ति ने बात असफरों तक पहुंचाने की कोशिश नहीं की।

 

क्या है मामला

 

- छह साल की खुशबू दो जुलाई को पहली बार स्कूल गई थी। उसी दिन स्कूलों में बच्चाें को दूध पिलाने की योजना शुरू हुई थी। दूध के लिए बच्ची लाइन में लगी तो टिटहरी के घोंसले पर पैर चला गया। एक अंडा क्या फूट गया...बवंडर आ गया। बूंदी के हरिपुरा गांव में पंचायत बैठी। बच्ची को जीव हत्या का दोषी मानते हुए जाति से बाहर निकालने का फरमान सुना दिया गया।