पटना  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एक ही दिन में दो बार मुलाकात कर एनडीए में मजबूत एकजुटता का संदेश दिया। साथ ही इन दोनों शीर्ष नेताओं ने चुनिंदा वरिष्ठ नेताओं के साथ विशेष चर्चा कर मिशन-2019 के लिए साझी चुनावी बिसात भी बिछाई। अगले साल के लोकसभा चुनाव को लेकर साझी रणनीति पर चर्चा के लिए एनडीए के प्रमुख घटक दलों- जदयू और भाजपा के बीच सुबह और रात के महज चंद घंटों के दरम्यान ही नाश्ते एवं डिनर की डिप्लोमेसी चली।


मिशन 2019 पर राज्यों के दौरा पर निकले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को पटना में थे। बिहार के सभी लोकसभा सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करने और घटक दलों के साथ बेहतर चुनावी तालमेल को लेकर भाजपा अध्यक्ष का बिहार दौरा देश में 22वां पड़ाव (राज्य) था। माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष ने नीतीश कुमार से मुलाकात में सीट शेयरिंग पर भी चर्चा की।


गुरुवार को सुबह दस बजे पटना हवाईअड्डा पर उतरते ही भाजपा अध्यक्ष राजकीय अतिथिशाला पहुंचे। वहां सीएम नीतीश कुमार के साथ घंटे भर तक देश-प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों व आगामी लोकसभा चुनावों में सीट शेयरिंग पर चर्चा की। इस चर्चा में दोनों नेताओं के साथ तीन और नेता उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय व बिहार भाजपा प्रभारी भूपेन्द्र यादव शामिल हुए। इस दौरान भाजपा के बिहार से जुड़े बाकी सभी केंद्र व राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक सुबह अतिथिशाला में तो मौजूद रहे पर चर्चा में मौजूद नहीं रहे।


देर रात सीएम के सरकारी आवास एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष के सम्मान में रात्रि भोज दिया। डिनर में भाजपा से उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और संगठन महामंत्री नागेन्द्र, मंत्रियों में नंदकिशोर यादव, डॉ प्रेम कुमार व मंगल पांडेय शामिल हुए, जबकि जदयू की ओर से सांसद आरसीपी सिंह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हुए। डिनर में शुद्ध शाकाहारी व्यंजन- रोटी, चावल, उपमा, डोकला आदि का इंतजाम किया गया था। 

बंद कमरे में हुई शाह-नीतीश की मंत्रणा

जानकारी के मुताबिक एक, अणे मार्ग में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। डिनर के बाद दोनों नेताओं ने 15 मिनट तक बातचीत की। सूत्रों के अनुसार इस बातचीत में जदयू-भाजपा के बीच सीट को लेकर आपसी सहमति बन चुकी है। उनका यह भी मानना है कि सीट कोई समस्या नहीं है। असली उद्देश्य बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करना है।


बिहार में एनडीए के अन्य घटक दलों- लोजपा व रालोसपा से बातचीत कर समय आने पर एनडीए की ओर से सीट शेयरिंग की औपचारिक घोषणा की जाएगी। बापू सभागार में भाजपा अध्यक्ष की ओर से सीएम नीतीश कुमार पर दिए गए बयान से इसकी पुष्टि होती दिखी, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि एनडीए अटूट है और सीट कोई मसला नहीं है।

नीतीश कहीं नहीं जाने वाले 

अमित शाह ने कहा है कि बिहार में एनडीए अटूट है। जदयू अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहीं जाने वाले नहीं हैं। वे भ्रष्टाचारियों को छोड़कर एनडीए के साथ आए हैं। अब वे भ्रष्टाचारियों के साथ नहीं रह सकते हैं। हमें सहयोगी दलों को संभालना और सम्मान देना आता है। कोई लार न टपकाए। 


गुरुवार सुबह भाजपा अध्यक्ष ने यह कहकर एनडीए को लेकर चल रहीं तमाम अटकलों को विराम दे दिया। बापू सभागार में पार्टी के तमाम नेताओं सहित 10 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों के प्रभारियों के बीच कहा कि चंद्रबाबू नायडू गए तो नीतीश कुमार एनडीए में आए। एनडीए बिहार की सभी 40 सीटों पर जीत हासिल करेगी। 


वर्ष 2022 तक सभी परिवारों को घर मिलेगा 

शाह ने कहा कि हमारा फर्ज जनता को हिसाब देना है। चार करोड़ महिलाओं को गैस चूल्हा मिला। साढ़े सात करोड़ शौचालय बने। 18 करोड़ बच्चों को टीका लगा। साथ ही 19 हजार गांवों को अंधेरे से मुक्ति दिलाई गई। 50 करोड़ परिवार को चिकित्सीय बीमा का लाभ मिलेगा। वर्ष 2022 तक सभी परिवारों को घर मिलेगा।