नयी दिल्ली।संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने के लिए विपक्षी दल कल बैठक करेंगे। संसद का मानसून सत्र बुधवार 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस मानसून सत्र में हंगामे की आशंकाओं को देखते हुए सरकार ने विपक्षी दलों से तीन तलाक विधेयक, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने संबंधी विधेयक, बलात्कार के दोषियों को सख्त दंड के प्रावधान वाले विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग मांगा है। 


संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मानसून सत्र के लिए सूचीबद्ध विधेयक लोकहित के हैं और सरकार इन्हें पारित कराने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग का आग्रह करती है। इस बारे में सर्वदलीय बैठक में भी विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान कुछ अध्यादेशों को भी विधेयक के रूप में पारित कराने के लिए पेश किया। 

          

विपक्षी दलों की बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यसभा के उप सभापति के लिए संयुक्त उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देना है। यह पद एक जुलाई को पी . जे . कुरियन का कार्यकाल खत्म होने के बाद से खाली है। कांग्रेस और विभिन्न अन्य दलों के नेताओं की बैठक कल शाम विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के संसद भवन कार्यालय में होगी। 

          

राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने कहा, ''विपक्ष के नेता कल बैठक कर मॉनसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर निर्णय करेंगे। वे बढ़ते बैंक फर्जीवाड़े , महिलाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। 

          

सूत्रों ने बताया कि उप सभापति के पद के लिए कांग्रेस दूसरे विपक्षी दलों के उम्मीदवार पर सहमत हो सकती है। पद के लिए जिन नामों पर चर्चा है उनमें तृणमूल कांग्रेस के नेता सुखेन्दु शेखर रॉय भी शामिल हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि यह पद राकांपा को भी जा सकता है। उम्मीदवारों के नामों पर औपचारिक रूप से चर्चा नहीं हुई है और पहली बार मुद्दे को कल की बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के उम्मीदवार पर निर्णय विभिन्न दलों के नेताओं के बीच चर्चा के बाद सहमति से हो सकता है। 

          

बहरहाल सूत्रों ने कहा कि सत्तारूढ़ राजग अपना उम्मीदवार उतारने के लिए इच्छुक है और वह बीजद और अन्नाद्रमुक जैसे दलों का समर्थन मांग रहा है। अकाली दल के नेता नरेश गुजराल का नाम भी सत्तारूढ़ गठबंधन से पद के लिए चर्चा में है।