वाराणसी। भाजपा अगले लोकसभा चुनाव को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो दिवसीय पूर्वांचल दौरे से इसका स्पष्ट संकेत मिला। यूं कहें कि विभिन्न वर्गो से संवाद कर प्रधानमंत्री चुनावी बिसात बिछा गए। आजमगढ़, वाराणसी व मिर्जापुर में पीएम ने जिस तरह से विपक्षी दलों पर सियासी हमले बोले और अपनी सरकार की एक-एक उपलब्धियां बताकर जनता के दिलों में पैठ बनाने की कोशिश की, वह फिलहाल विपक्षी दलों के लिए चुनौती बन गया है। 


महज 24 घंटे में तीन बड़ी जनसभाओं के जरिए पीएम ने पूर्वांचल की करीब 4 करोड़ जनता को संदेश देने की कोशिश की कि पिछली सरकारों ने केवल वोट की राजनीति की जबकि भाजपा ने चार सालों में विकास के नए मानदंड तय किए। 


बात पहले आजमगढ़ की। सपा का गढ़ रहे इस जिले में पीएम मोदी ने एक तीर से कई निशाने साधे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भले ही सपा की योजना रही हो मगर पीएम मोदी ने इसका शिलान्यास कर पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े सात जिलों में विकास की नींव रख दी। इस एक्सप्रेस वे को प्रयाग-गोरखपुर और पटना से जोड़ने की बात कहकर पूर्वांचल के साथ ही पश्चिम-उत्तर बिहार के लोगों को भी सुखद भविष्य के सपने दिखा गए। पीएम ने अपने भाषण में तीन तलाक एवं लोहिया-अंबेडकर के नाम पर कांग्रेस, सपा-बसपा पर तीखे सियासी हमले किए तो मुस्लिम महिलाओं को यह बताने की कोशिश कि भाजपा ही उनकी सबसे बड़ी हितैषी है। 


अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में नरेन्द्र मोदी का भाषण चार साल की उपलब्धियों पर केन्द्रित रहा। एक-एक योजना के फायदे गिनाने के साथ काशी में हो रहे बदलावों पर विरोधियों की आशंकाएं दूर करने का प्रयास किया कि काशी की आत्मा में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है बल्कि उसकी काया में परिवर्तन करके बनारस को दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। विशिष्ट एवं प्रबुद्धजनों के साथ संवाद में पीएम ने खुद को काशी के परिवार का मुखिया बताया। गंगा की अविरलता-निर्मलता के लिए पिछली सरकारों को कठघरे में खड़ा किया और वर्तमान सरकार के प्रयासों को प्रबुद्धजनों के सामने रखा।


मिर्जापुर में पीएम मोदी का पूरा फोकस किसानों पर रहा। बहुप्रतीक्षित चार दशक पुरानी ‘लटकी, अटकी -भटकी’ बाढ़ सागर परियोजना के बहाने सपा-बसपा पर निशाना साधा तो सिंचाई की बड़ी सौगात देकर यह बताया कि उनके एजेंडे में किसान सबसे ऊपर हैं। अति पिछड़े जिलों में शुमार मिर्जापुर, सोनभद्र में निचले तबके के लोगों को सरकार की एक-एक योजना की जानकारी देकर उनके दिलों में पैठ बनाने की सफल कोशिश की।