बिलासपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों को स्थायी मान्यता देने पर रोक लगा दी है। सत्र 2019 से पहले सभी स्कूलों को नए सिरे से नवीनीकरण कराना होगा। आदेश के बाद शहर व आसपास के 18 स्कूलों पर मान्यता खत्म होने का खतरा मंडराने लगा है। प्राचार्यों का दावा है कि एक साल के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।


सीबीएसई ने मान्यता को लेकर नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब हर पांच साल में मान्यता लेने के लिए बोर्ड को आवेदन करना होगा। पहले की तरह एक बार में स्थाई मान्यता नहीं मिलेगी। बोर्ड ने प्राचार्यों को आदेश जारी कर अवगत करा दिया है। शहर व आसपास में 18 सीबीएसई संचालित स्कूल हैं।


ऐसे में प्रत्येक स्कूल को 2019-2020 सत्र से नए नियमों के मुताबिक मान्यता के लिए आवेदन करना होगा। मान्यता संबंधी नियम को गंभीरता के साथ पढने होंगे, उसी के हिसाब से आवेदन प्रक्रिया को अपनाना होगा। अभी तक 15 साल पुराने स्कूलों को स्थाई मान्यता मिल जाती थी।


बार-बार मान्यता के लिए आवेदन नहीं करना पड़ता था। नए नियम के मुताबिक अब इस प्रक्रिया में बदलाव होने से स्कूलों के लिए नए नियम बना दिए गए हैं। जिसके तहत सभी नए और पुराने स्कूलों को हर पांच साल में सीबीएसई की ओर से प्रोविजनल एफिलिएशन दिया जाएगा। यदि किसी स्कूल की संबद्धता 2019 में खत्म हो रहा है तो उसे सभी दस्तावेज को सीबीएसई को भेजना होगा, तभी उसे मान्यता मिलेगी।


मान्यता के लिए जरूरी


- नए नियम के मापदंडों का पालन अनिवार्य है।


- स्कूल को एक रिपोर्ट बनाकर बोर्ड को भेजनी होगी।


- सुरक्षा, सुविधा व संसाधन की जानकारी देनी होगी।


- बाउंड्रीवाल, खेल मैदान, क्लासरूम का उल्लेख।


- इंटरनेट,लैब व बस की सुविधा है कि नहीं बताना होगा।


- स्टूडेंट्स और टीचर्स की संख्या व उनका अनुपात।


- स्कूल एक्टिविटी, रिजल्ट, टीचर्स की योग्यता दर्शानी होगी।


मान्यता का रास्ता होगा कठिन


माना जा रहा है कि बोर्ड ने क्वालिटी एजुकेशन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। ऐसे में जिन स्कूलों के पास भरपूर सुविधा, संसाधन और क्षमता होगी, उन्हें ही मान्यता दी जाएगी। यानी स्कूलों को अब हर पांच साल में मान्यता के लिए दौड़ लगानी होगी। सेल्फ रिपोर्ट, ऑनलाइन या कमेटी द्वारा जांच के आधार पर मान्यता को लेकर प्राचार्य थोड़े असमंजस में भी हैं। फिलहाल बोर्ड ने मान्यता से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।


प्रमुख स्कूल भी होंगे प्रभावित


दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंग्रेजी माध्यम स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल वसंत विहार, केंद्रीय विद्यालय रेलवे परिक्षेत्र,आधारशिला विद्या मंदिर, कर्नल एकेडमी, मॉडर्न एजुकेशन एकेडमी,बाल भारती एनटीपीसी, बर्जेस अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कॅरियर पाइंट, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेंट फ्रासिंस स्कूल को भी नए सिरे से मान्यता हासिल करने का प्रयास करना होगा।


सीबीएसई ने मान्यता को लेकर नियमों में बदलाव किया है। सभी स्कूलों को अब हर पांच साल में मान्यता हासिल करनी होगी। मापदंडों का पालन करते हुए आवेदन जमा करना होगा। इससे क्वालिटी एजुकेशन का पता चलेगा। - केके मिश्रा, प्राचार्य, एसईसीआर अंग्रेजी माध्यम स्कूल, बिलासपुर