कप्तान विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया आज जब लीड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे मुकाबले में उतरेगी तो उसकी कोशिश लगातार 10वीं सीरीज जीत पर होगी। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में मध्यक्रम की कमजोरियों के उजागर होने के बाद टीम इंडियातीसरे और अंतिम वनडे में यह गलती दोहराने से बचना चाहेगी। नॉटिघंम में पहले मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया को लार्ड्स में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में 86 रनों से हार झेलनी पड़ी थी, जिसके बाद दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर आ गईं और तीसरा वनडे एक निर्णायक मुकाबला बना गया।


जनवरी, 2016 के बाद से भारत नहीं हारा है कोई द्विपक्षीय सीरीज


हेडिंग्ले में भारत अगर जीतता है तो वह सिर्फ सीरीज पर ही कब्जा नहीं जमाएगा, बल्कि एक अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा।टीम इंडिया ने इससे पहले तीन मैचों की इंटरनेशनल टी-20 सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की थी। भारत को आखिरी बार जनवरी 2016 में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में आॅस्ट्रेलिया से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, उसके बाद से टीम इंडिया ने हर द्विपक्षीय वनडे सीरीज अपने नाम की है। इस दौरान उसने जिम्बाब्वे, न्यूजीलैंड (दो बार), इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका (दो बार), ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को अपने घर में तो मात दी ही है, साथ ही उनके घर में भी जाकर हराया है।

डेथ ओवरों में तेज गेंदबाजों की पिटाई भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता


वहीं, साल 2015 के बाद से इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट में गजब का प्रदर्शन करते हुए अपना प्रभुत्व कायम किया है। भारतीय स्पिनर्स की बात करें तो वे अब तक काफी प्रभावशाली रहे हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी आक्रमण में पैनापन की कमी नजर आई है, खासकर डेथ ओवर्स में। लॉर्ड्स वनडे में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने अंतिम आठ ओवरों में 82 रन लुटाए, जिसमें उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल और हार्दिक पंड्या ने छह ओवरों में 62 रन दिए। इससे भारतीय टीम की गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह पर निर्भरता भी दिखी। श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के दौरों पर भुवनेश्वर के प्रदर्शन को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी कमी काफी खल रही है। तीसरे मैच में उनकी उपलब्धता पर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

भारत पर जीत दर्ज कर वनडे में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करना चाहेगा इंग्लैंड


वहीं इंग्लैंड के लिहाज से अगर देखें तो उसे अगर किसी टीम से कड़ी टक्कर मिली है तो वह भारतीय टीम ने ही दी है। इसलिए हेडिंग्ले में खेला जाने वाला निर्णायक वनडे मैच इंग्लैंड के लिए भारत के खिलाफ सिर्फ अपना रिकार्ड सुधारने का मौका ही नहीं होगा, बल्कि हाल के दिनों में सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्वी टीम पर जीत दर्ज करना उसकी 2019 विश्व कप की तैयारियों के लिए भी अहम होगा। इंग्लैंड के लिए टेस्ट के बाद वनडे में भी जो रूट जहां रन जुटाने रहे हैं, वहीं जोस बटलर, जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टॉ भी लगातार रन बना रहे हैं। इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता उनके स्टार आॅलराउंडर बेन स्टोक्स की खराब फार्म है। स्टोक्स हाल में लगे हैमस्ट्रिंग चोट से अभी पूरी तरह उबरे हुए नहीं दिख रहे हैं। उसका असर उनके खेल में भी महसूस हो रहा है और वह अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। निर्णायक वनडे में वह टीम का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

टीमें इस प्रकार हैं:


भारत: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन , रोहित शर्मा , लोकेश राहुल , महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), दिनेश कार्तिक , सुरेश रैना , हार्दिक पंड्या , कुलदीप यादव , युजवेंद्र चहल , श्रेयस अय्यर , सिद्धार्थ कौल , अक्षर पटेल , उमेश यादव , शार्दुल ठाकुर , भुवनेश्वर कुमार।


इंग्लैंड: ओएन मॉर्गन (कप्तान), जेसन रॉय , जॉनी बेयरस्टो , जोस बटलर (विकेटकीपर), मोईन अली, जो रूट, जेक बॉल, लियाम प्लंकेट, बेन स्टोक्स, आदिल राशिद, डेविड विली, मार्क वुड और जेम्स विंस।