मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में समन्वय के लिए बनाई गई समन्वय समिति के सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी का कहना है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया ही हो सकते हैं, उनका विकल्प कोई और नहीं हो सकता.


राज्य में कांग्रेस की स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में चतुर्वेदी ने कहा, 'इस प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाना है तो सिंधिया को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाना होगा, पिछले आठ साल से यही बात कहता आ रहा हूं और आज भी उसी पर कायम हूं. सच्चाई यही है कि कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने के लिए सिंधिया को चेहरा बनाना ही होगा.'

चतुर्वेदी ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'सिंधिया युवा है, उनकी कार्यशैली और राजनीति पूरी तरह पारदर्शी है, वे निर्विवाद नेता हैं, उनमें युवाओं से लेकर बुजुर्ग पीढ़ी तक को जोड़ने की क्षमता है, प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर देख भी रही है, लिहाजा पार्टी को उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने में ज्यादा देरी नहीं करनी चाहिए.'


कांग्रेस और गुटबाजी एक दूसरे का पर्याय होने के सवाल पर चतुर्वेदी ने साफ किया कि कांग्रेस के तमाम नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का संकल्प लिया है, पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है, सभी मिलकर काम कर रहे है, हर कोई चाहता है कि कांग्रेस सत्ता में लौटे, लिहाजा कोई पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता.

बता दें कि चतुर्वेदी और समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के बीच राजनीतिक अदावत बीते तीन दशकों से चली आ रही है, उसके बावजूद दोनों नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में समन्वय बनाने के लिए कई इलाकों का एक साथ दौरा किया है. चतुर्वेदी कहते है कि नेताओं के बीच आपसी मतभेद हो सकते हैं, मगर वर्तमान में सभी एकजुट हैं, और सभी की एक ही प्राथमिकता है कि कांग्रेस को जिताना है.