वास्तुशास्त्र में दिशा और आस-पास मौज़ूद चीज़ों से पैदा होने वाली ऊर्जा के प्रभावों के बारे में बताया गया है। जिसके मुताबिक ऊर्जा अगर सकारात्मक हो तो व्यक्ति की जिंदगी में खुशहाली आती है। लेकिन वहीं ऊर्जा अगर नकारात्मक हो तो यह व्यक्ति के जीवन में परशानियां खड़ी कर देता है। जिससे शादीशुदा जोड़े के जीवन में दरार पड़ जाती है। इसी को कम करने के लिए कुछ उपाय बताएं गए है जो पति-पत्नी के जीवन में मधुरता लाएंगे। 

जिस घर में एक से अधिक किचन होते हैं उस घर की मालकिन को समाज में बहुत ज्यादा सहयोग मिलता है। जिन घरों में भोजन बनाने के एक से अधिक साधन (जैसे गैस, स्टोव, माइक्रोवेव, अवन इत्यादि) होते हैं ऐसे घरों में आय के साधन भी एक से अधिक होते हैं।


जिस घर में मुख्य द्वार से जुड़ा किचन हो वहां प्रारंभ में पति-पत्नी के मध्य बहुत प्रेम रहता है। घर का वातावरण भी सौहार्दपूर्ण रहता है किंतु कुछ समय बाद बिना कारण के आपस में मतभेद पैदा होने लगते हैं।


घर के अंदर से बाहर देखने पर मुख्यद्वार के पास दाएं हाथ पर स्थित खिड़की के पास यदि खाना बनाने का साधन स्टोव आदि रखा जाता है तो घर का मालिक उतावला और जल्दी आवेश में आने वाला होता है। परिवार का एक बच्चा योग्य, सक्षम एवं बुद्धिमान होता है।


घर के मुख्यद्वार के ठीक सामने किचन नहीं बनाना चाहिए। जिन घरों के मुख्यद्वार के एकदम सामने किचन होते हैं वह गृहस्वामी के भाई के लिए अशुभ होता है और गृहस्वामिनी उसे उचित सम्मान भी नहीं देती। यदि घर के मुख्यद्वार से बॉयलर या गीजर नजर आए तो उसे भी किचन की तरह ही मानना चाहिए।


जिस घर का किचन ‘जिग जैग’ आकार में बना हो, उस घर में काफी विवाद रहते हैं। यदि किसी कोरिडोर के एक कोने में किचन हो तो वहां रहने वालों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


किचन में पूजा का स्थान बनाना भी शुभ नहीं होता है। जिस घर में किचन के अंदर ही पूजा का स्थान होता है उस घर में रहने वाले गर्म दिमाग के होते हैं और परिवार में किसी सदस्य को रक्त संबंधी शिकायत भी हो सकती है।

यदि लिविंग रूम के अंदर ही किचन हो और बाहर की तरफ कोई बड़ा दरवाजा हो तो समझो घर की मालकिन से लगाव रखने वाला पहला व्यक्ति कठिनाई में है और मालकिन को खुशियां भी उसी व्यक्ति से ही प्राप्त होती हैं।


यदि किचन के दरवाजे के एकदम सामने बैडरूम का दरवाजा हो तो मानना चाहिए कि पिछले जन्म में पति-पत्नी का आपस में असाधारण प्यार, स्नेह और लगाव था और जो अभी-भी उसी प्रकार है परन्तु उनके जीवन में कठिनाइयां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहेंगी।


जिस घर में किचन और बाथरूम पास-पास या एक सीध में होते हैं, उस घर में रहने वालों को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। व्यापार साधारण होने के साथ ही उनका स्वास्थ्य भी नर्म-गर्म रहता है। घर के मुखिया का भाई गरीब होता है और उसे शादी के बाद सैटल होने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है यदि वह इसी घर में रहता है तो घर की कन्या उदास और अशांत रहती है।

किसी घर के किचन में ही बाथरूम हो और महीने में पंद्रह-बीस दिन खाना वही बनता हो या वहां किसी प्रकार का खाना बनाने का साधन हो तो उस घर के मालिक के लिए बहुत ही अशुभ होकर अनहोनी कारक होता है। परिवार में बीमारी के साथ आर्थिक स्थिति भी खराब रहती है।


जिस घर में किचन भूमिगत पानी की टंकी या कुएं के साथ लगा हो वहां भाइयों में मतभेद रहते हैं व गृहस्वामी को धन कमानेे के लिए बहुत भटकना पड़ता है।


ऐसा कमरा जहां सैंकड़ों लोगों को खाना खिलाया जाता है (जैसे लंगर घर आदि) यदि वहां पर ही खाना बनाने के बड़े-बड़े बर्तन, पानी के ड्रम इत्यादि भी रखे हों तो वहां खर्च आमदनी से ज्यादा रहता है इसलिए बेहतर है कि खाना बनाने के साधन तथा वेसल्स दूसरे कमरे में रखे जाएं।