बीएचयू आईएमएस को एम्स जैसी स्वायत्तता मिलने के बाद विकास के लिए पहले चरण में एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। तीन साल में सर सुन्दरलाल अस्पताल व आईएमएस बीएचयू में एम्स सरीखी सुविधाएं मिलने लगेंगी। जबकि विकास का कार्य पांच साल में पूरा होगा। 


एईएमए डेवलपिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ.ओपी उपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री आईएमएस बीएचयू में एम्स सरीखी सुविधा की घोषणा 15 अगस्त को लाल किले से करेंगे। इसके बाद पहली किस्त जारी होगी। 12 जुलाई को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव की अध्यक्षता में अंतरविष्लेषण टीम ने बीएचयू द्वारा एम्स जैसी सुविधा के लिए तैयार ब्लूप्रिंट को देखा। इसमें सुधार कर पीएमओ को सौंप दिया। 


एम्स सरीखी सुविधाओं के लिए हुए एमओयू के बाद तैयार रोड मैप में प्रथम चरण में इन्फ्रास्ट्रक्चर व मैन पावर की कमी पूरी की जाएगी। इसके साथ ही करीब डेढ़ दर्जन नए विभाग खोले जायेंगे। आईएमएस में शिक्षण संबंधी जरूरतों की सूची बनाई जा रही है। जबकि सर सुन्दरलाल अस्पताल में रोगियों के हित को ध्यान में रखकर नई सुविधाओं के लिए मसौदा बनाया जा रहा है। आईएमएस में रिसर्च के लिए एक कमेटी का गठन होगा जो रिसर्च की गुणवत्ता परखेगी।


एनिमल रिसर्च सेंटर 

बीएचयू में सेंट्रल एनिमल रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी। इससे शिक्षण व शोध को बढ़ावा मिलेगा। नई बीमारियों की दवा खोजने में इस रिसर्च सेंटर से मदद मिलेगी। आईएमएस में रिसर्च साइंटिस्टों की भी भर्ती होगी। वार्ड में भर्ती मरीजों की देख-रेख के लिए सीनियर डॉक्टरों की तैनाती होगी। इसके लिए नए पद सृजित करने का भी मसौदा तैयार है। 


मुफ्त दवा

मरीजों को मुफ्त में दवा देने के साथ ही जेनरिक दवा की दुकान भी खुलेगी। अस्पताल में 24 घंटे जांच की सुविधा के लिए भी संसाधनों का विकास किया जाएगा। आईएमएस में एक अकेडमिक अफेयर कमेटी बनेगी जो स्वायत्तता होगी। यह कमेटी शिक्षण संबंधी नियमों व तथ्यों के विकास पर काम करेगी। 


अंतरविष्लेषण टीम ने पीएमओं कार्यालय में रिपोर्ट भेज दिया है। अनुदान मिलते ही विकास का कार्य आरंभ होगा।  

डॉ.ओपी उपाध्याय, चेयरमैन एईएमए डेवलपिंग कमेटी