नई दिल्ली, तेजस एक्सप्रेस दिल्ली से चंडीगढ़ और आनंद विहार से लखनऊ तक जाने को तैयार है। वहीं तेजस एक्सप्रेस अब नीले रंग में नहीं बल्कि भगवे रंग में रंग में नजर आएगी। तेजस एक्सप्रेस के चलने के बाद दिल्ली से चंडीगढ़ तक की दूरी महज तीन घंटे में पूरी हो जाएगी। अभी इस यात्रा में चार से पांच घंटे का समय लगता है। नए अवतार के साथ आई तेजस एक्सप्रेस पहले वाली तेजस से काफी आधुनिक है। जानकारी के मुताबिक़ उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन को पहली तेजस ट्रेन बुधवार को ही मिल चुकी है।

मोदी सरकार ने तीन रेलवे रूट्स पर तेजस एक्सप्रेस चलाने की घोषणा की थी। रेल अधिकारियों ने इसका आवश्यक निरीक्षण भी कर लिया है। ट्रेन में 19 कोच लगाए जा सकते हैं जिनका निर्माण कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में किया गया है। पहले इस ट्रेन को इसी वर्ष में मार्च में चलाए जाने की योजना थी, लेकिन समय पर कोचों की आपूर्ति न हो पाने के कारण इस योजना को टाल दिया गया था। मुंबई और गोवा के बीच में पिछले साल मई में पहली तेजस एक्सप्रेस चलनी शुरू हुई। दूसरी तेजस एक्सप्रेस नई दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच चलाई जानी है। और तीसरी तेजस एक्सप्रेस दिल्ली के आनंद विहार से लखनऊ के बीच चलनी है।

नई तेजस एक्सप्रेस कई आधुनिक सुविधाओं से लेस है जैसे साफ-सफाई और मनपसंद खाने से लेकर, विनायल रैपिंग का उपयोग किया गया है। फायर से बचने के लिए सेंसर लगाए गए हैं। सीसीटीवी व्यवस्था, LED स्क्रीन पर ऑन डिमांड एंटरटेनमेंट, ट्रेन में आन बोर्ड वाईफाई, मॉड्यूलर बॉयो टॉयलट और आरामदायक सीटें लगाई गई हैं। नई तेजस एक्सप्रेस में खिड़कियों पर ऑटोमेटिक तरीके से चलने वाले पर्दे लगाए गए हैं।

इन पर्दों की खासियत यह है कि ये खिड़की में लगे दो शीशों के बीच में फिट किए गए हैं। एक बटन के जरिए इसे ऊपर नीचे किया जा सकता है। तेजस एक्सप्रेस को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए तैयार किया गया है। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नितिन चौधरी के मुताबिक दूसरी तेजस एक्सप्रेस कपूरथला कोच फैक्ट्री में बनाई गई है। राजधानी दिल्ली में अब इसको कमीशनिंग के लिए तैयार किया जा रहा है।