लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस चुनावी साल में शनिवार को शाहजहांपुर के रोजा स्थित रेलवे ग्राउन्ड पर किसान कल्याण रैली में शाहजहांपुर को कुछ सौगातें भी देने की घोषणा कर सकते हैं। यहां खाद कारखाने की अरसे से चली आ रही मांग को पूरा कर सकते हैं। कृषि विश्वद्यालय या फिर रोजा रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण की भी घोषणा कर सकते हैं। वहीं सियासी नजरिये से फसलों के न्यूनतम मूल्य का भी लाभ उठाने का प्रयास होगा।


शाहजहांपुर से मोदी का संबोधन पहुंचेगा पंजाब तक: 


लोकसभा के 2019 के चुनाव को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे की कड़ी में जून के अंतिम सप्ताह में मगहर, इस माह आजमगढ़, वाराणसी और मीरजापुर के बाद पीएम मोदी शनिवार को शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर स्थित रोजा के रेलवे ग्राउंड में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने के लिए आ रहे हैं। 


भारतीय जनता पार्टी ने इस किसान कल्याण रैली में करीब 3 लाख किसानों के जुटने का दावा किया है। इस रैली में शाहजहांपुर समेत आसपास के बदायूं, बरेली, हरदोई, लखीमपुर, पीलीभीत और लखीमपुर जिलों के लोगों के आने का भी दावा किया गया है। शाहजहांपुर में मोदी का किसानों को संबोधित करना भाजपा के लिए काफी अहमियत रखता है।


रैली को करेंगे संबोधित 

प्रधानमंत्री मोदी दोपहर साढ़े 12:20 बजे शाहजहांपुर के रोजा रेलवे मैदान स्थित हेलीपैड पर हेलीकाप्टर से उतरेंगे। वह यहां किसान कल्याण रैली को संबोधित करने आ रहे हैं। उनके साथ ही सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, कैबिनेट व जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मीनारायण आदि भी आएंगे।


शाहजहांपुर वालों की प्रधानमंत्री से मांग, रोजा को फिर से रेलवे हब बनाओ

रोजा का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है। रोजा मतलब रेलवे का हब। रोजा को रेलवे के कारण ही जाना जाता था। यहां रेल कोच, इंजन आदि की मरम्मत होती थी। अभी इसी साल रेलवे ने रोजा में लोको मोटिव शेड की स्थापना की है, यहां इंजनों की रिपेयरिंग होती है। अभी यह काम शुरू भर ही हुआ है। पर शाहजहांपुर के लोग रोजा रेलवे जंक्शन को पुराना गौरव लौटाने की मांग भी प्रधानमंत्री से कर रहे हैं। यहां पहले सभी प्रमुख ट्रेनों का स्टापेज होता था, यहीं पर इंजनों में डीजल भी भरा जाता था। अन्य रेलवे के प्रमुख काम भी यहीं होते थे, पर धीरे-धीरे रोजा महत्व कम होता गया। पर इस बार नरेंद्र मोदी से लोग बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं।


कृषि विश्वविद्यालय की मांग 

शाहजहांपुर के लोग काफी समय से कृषि विश्वविद्यालय की डिमांड कर रहे हैं। पहले तो इसके लिए जमीन की दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब तो जिला प्रशासन ने जमीन की समस्या को भी दूर कर दिया है। खुटार ब्लाक के सिमरा वीरान स्थित गोसदन की जमीन पर कृषि विश्वविद्यालय बनाए जाने का प्रस्ताव प्रशासन ने उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दिया है। इसके लिए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कृष्णाराज लगातार पैरवी कर रही हैं। पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद कहते हैं कि सात नदियों से घिरा शाहजहांपुर कृषि प्रधान जिला है, यहां अनाज की सबसे बड़ी मंडी भी है। आलू, गेहूं, धान, गन्ना, मेंथा, सरसों, तिल, मूंगफली, सोयाबीन की फसल बड़े स्तर पर होती है। आधुनिक कृषि तकनीकों से वंचित होने के कारण उन्हें अपेक्षित उपज का लाभ नहीं मिल पाता। धान, गन्ना, गेहूँ, आलू, सरसों, मूंगफली, चना व सब्जियां आदि जनपद की प्रमुख फसलें है। किसानों की आर्थिक व सामाजिक दशा निर्भर है। 398 एकड़ जमीन सिमरावीरान गौ सदन के पास भी है जो कि कृषि विश्वविद्यालय के काम आ सकती है।


पीएम से एयरपोर्ट की मांग 

शाहजहांपुर को महानगर बनवाने में नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का बड़ा योगदान है। इस योगदान के बाद सुरेश कुमार खन्ना शाहजहांपुर को एयरपोर्ट की सौगात दिलाने के लिए बहुत ही प्रयासरत हैं। एयरपोर्ट की जमीन के लिए शाहजहांपुर में कई जगह सर्वे भी हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी भी छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की घोषणाएं पिछले दिनों कर चुके हैं। ऐसे में शाहजहांपुर के लोगों के हवाई जहाज में बैठने के सपने को सच करने मांग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की जा रही है।