कहते हैं हौसला बुलंद हो तो हर मंजिल आसान हो जाती है. वाराणसी की रहने वाली 31 वर्षीय सोनिया सिंह ने ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर मिसेज इंडिया फाइनलिस्ट में जगह बनाई है. उन्होंने बीते मार्च में शादीशुदा महिलाओं की प्रतियोगिता मिसेज कर्नाटक 2018 प्रतियोगिता जीत कर यह मुकाम हासिल किया है. मिसेज इंडिया प्रतियोगिता का आयोजन 30 जुलाई को चेन्नई में होगा. बता दें कि सोनिया पांच सालों से इस बीमारी से जूझ रही है. इस बीमारी से परेशान मरीज अवसादग्रस्त हो जाते हैं। इसके बावजूद सोनिया ने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष जारी रखा.


सोनिया ने साहस से इस बीमारी का सामना किया और अपने शौक को निखारने का सिलसिला जारी रखा. इसी दौरान उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता की तैयारी जारी रखी. सोनिया ने अपने करियर की शुरुआत एयर होस्टेस के रूप में की थी. उनके जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था. इसी बीच करीब पांच साल पहले उनके सिर में तेज दर्द और अन्य समस्याएं होने लगी. डॉक्टर को दिखाने पर पता चला कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है.


सोनिया ने बताया कि बीमारी का पता चलने पर एक पल के लिए लगा कि सबकुछ खत्म हो गया, पर सोनिया ने हार न मानकर बीमारी से लड़ने के लिए खुद का हौंसला बढ़ाया. ऑपरेशन के बाद ब्रेन ट्यूमर से निजात मिली. उनका मानना है कि जीवन में हमेंशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए. सोनिया का मानना है कि कभी भी जीवन में आने वाली कठिनाइयों से हार मानकर नहीं बैठना चाहिए. हमेंशाआगे बढ़ते रहना चाहिए. मिसेज कर्नाटका प्रतियोगिता जीतने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए वह प्रेरणा बन सकती हैं.