सिवान। ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत लेकर सिवान जिले (बिहार) के आंदर थाने गई विवाहिता को पुलिस की मदद नहीं मिली। उसकी पिटाई की गई। विरोध में वह रातभर सड़क पर पड़ी रही।


बारिश को भी झेला। सुबह कुछ लोगों ने जब सिवान की जिलाधिकारी रंजिता को इसकी जानकारी दी, तो उन्होंने महिला हेल्पलाइन की काउंसलर और बीडीओ को घटनास्थल पर भेजकर उसे सड़क से हटवाया।


पुलिस की चुप्पी पर क्षुब्ध ग्रामीणों ने सड़क जाम करते हुए आगजनी की। महिला अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि वह लखनऊ की रहने वाली है।


उसकी शादी 2010 में सिवान के जयजोर गांव के मूल निवासी और वर्तमान में फैजाबाद में सपरिवार जा बसे संदीप कुमार से हुई। शादी के बाद से उसे दहेज की के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।


इसी बीच एक पुत्र को जन्म दिया। प्रताड़ित किए जाने के कारण वह अपने मायके लखनऊ चली गई और पति एवं ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया जो कोर्ट में विचाराधीन है।


हाल में उसने पति के फेसबुक पर एक महिला के साथ उसकी तस्वीर देखी। इसके बाद वह सिवान आई और एसपी से न्याय की गुहार लगाई।


एसपी के निर्देश पर उसने आंदर थाने में आवेदन दिया। पुलिस उसके साथ गांव गई, वहां पर पति संजीत तो नहीं मिला लेकिन उसके माता-पिता के साथ एक नई नवेली दुल्हन मिली, जिसने खुद को संदीप की पत्नी बताया।


सास-ससुर ने उस औरत को पिछले रास्ते से भगा दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे ससुराल में छोड़ दिया। पुलिस के जाते ही सास-ससुर ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि तुम मेरे बेटे को तलाक दे दो।


इसके बाद थाने में आवेदन देकर सारी जानकारी दी और पुनः शुक्रवार की शाम ससुराल रहने के लिए गई तो सास आरती देवी, ससुर शिवनाथ श्रीवास्तव ने बहू मानने से इन्कार कर सारा सामान भी बाहर फेंक दिया।


अब आंदर थाने में एफआइआर दर्ज नहीं की गई। जबरन गलत आवेदन लिखवाने की बात कही गई। थाना में तैनात पुलिस के जवानों ने उसके साथ मारपीट की और बीच सड़क पर घसीटा।


उसके साथ दुर्व्यवहार किया। सुबह जानकारी मिलने पर डीएम रंजिता के आदेश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नीलम कुमारी के साथ महिला हेल्पलाइन की काउंसलर रागिनी कुमारी पीड़िता के पास गईं और बातचीत की।


पीड़िता ने उसके पति की दूसरी शादी को खारिज करने और उसके पुत्र को न्याय दिलाने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि सोमवार को पीड़िता को आवेदन के साथ मुख्यालय बुलाया गया है।