छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी की आपसी कलह किसी से छिपी नहीं है. जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के चुनाव पूर्व त्याग पत्र लेने के नए नियम कहीं पार्टी की फजीहत न करा दे. वहीं बीजेपी कांग्रेस के इस निर्णय को नीचे स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए शोषण करार दे रही है.


चुनावी वर्ष में तमाम राजनीतिक दल चुनावी मोड़ में आ गए हैं. ब्लॉक और जिला स्तर के ऐसे पदाधिकारी हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. इसके लिए उन पदाधिकारियों से नियम बनाकर त्याग पत्र लिया जा रहा है. लिहाजा, अब तक कांग्रेस के दो जिला अध्यक्षों ने त्याग पत्र दे भी दिया है.


इस संबंध में बीजेपी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि कांग्रेस अपने नीचे स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ शोषण कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी का संविधान एक होता है और नियम सबके लिए बरारबर होते हैं. हालांकि कांग्रेस इन नियमों के पीछे अपनी अलग ही दलील पेश कर रही है.


कांग्रेस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शिव डगरिया का कहना है कि हमारे पार्टी के संविधान की बात है. उनकी मानें तो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि पार्टी की प्राथमिक इकाइयों मजबूत होना जरूरी है. अगर जिला और ब्लॉक स्तर के अध्यक्ष ही चुनाव में खड़े हो जाएंगे, तो फिर उसका प्रबंधन कौन करेगा. इसलिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने ये निर्देश दिए हैं कि अगर वे चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो पहले अपने वर्तमान पद से इस्तीफा दें.