नई दिल्ली गुरुपूर्णिमा, 27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। उस रात मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा। आकाश साफ रहा तो मंगल ग्रह स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। उस दिन मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा। चंद्रग्रहण के दौरान मंगल से पृथ्वी की यह निकटता 15 वर्ष पूर्व भी बनी थी।


अंतरिक्ष विज्ञानियों और खगोल शास्त्रियों के लिए शोध एवं अध्ययन की दृष्टि से यह चंद्रग्रहण बेहद खास है। इस दिन की खगोलीय घटनाओं के अध्ययन से अंतरिक्ष विज्ञान में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। बीएचयू के अवकाशप्राप्त भूगोलशास्त्री प्रो. एसएन चंद्रा के अनुसार 27 जुलाई का चंद्र ग्रहण हमारी दृष्टि में बेहद रोमांचकारी होने वाला है। एशिया और यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में दिखने वाले इस चंद्रग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग शाम छह बजे से ऑनलाइन देखी जा सकती है। प्रो. चंद्रा के अनुसार इस बार खग्रास चंद्रग्रहण है। यह संयोग कभी-कभी बनता है। पूर्ण चंद्रग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं। तीनों जब एक ही रेखा में होते हैं और चंद्रमा पृथ्वी के पीछे गुजर रहा होता है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। चंद्रमा जब पृथ्वी की छाया से निकल रहा होता है तो यह हल्के लाल रंग का दिखता है जिसे विज्ञान ब्लड मून कहता है। 



चद्रग्रहण की मुख्य बातें-

चंद्रग्रहण की तारीख तारीख और दिन- 27 जुलाई 2018 दिन शुक्रवार

चंद्रग्रहण का समय - तीन घंटे 55 मिनट होगी अवधि 

शाम 6 बजे से लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन भी देखी जा सकेगी 


सूतक काल - दोपहर 02:54 बजे

ग्रहण आरंभ - रात्रि 11:54 बजे

मोक्ष काल - रात्रि 03: 49 बजे 


इस वर्ष का दूसरा चंद्रग्रहण

27 जुलाई को वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा। 31 जनवरी को साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ा था। उस चंद्रग्रहण की अवधि तीन घंटे 23 मिनट थी। उस चंद्रग्रहण को वैज्ञानिकों ने ब्लू मून और सुपर मून का नाम नाम दिया था।