नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से तीन अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान भारत ब्रिक्स के तहत पहले महाद्वीप में द्विपक्षीय और उसके बाद बहुपक्षीय संवाद स्थापित करेगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका के दौरे से अफ्रीका महाद्वीप के साथ हमारा संबंध और मजबूत होगा।


पिछले कुछ सालों में अफ्रीकी देशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कॉन्ट्रेक्ट हुआ है। पिछले चार साल में हमारे देश के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अफ्रीका के 23 दौरे कर चुके हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। रवांडा और युगांडा के दौरे के दौरान रक्षा और कृषि क्षेत्र में सहयोग मोदी की प्राथमिकता होगी। इसके बाद वह ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका जाएंगे।

मोदी का अफ्रीका का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह 2016 में मोजाम्बिक, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और केन्या के दौरे पर गए थे। प्रधानमंत्री 23 जुलाई को रवांडा पहुंचेंगे। पहली बार भारत के किसी प्रधानमंत्री का यह रवांडा का दौरा होगा। भारत ने रवांडा के साथ अपने रिश्तों को मजबूत किया है। इसे पूर्वी अफ्रीका के प्रवेश-द्वार के रूप में देखा जा रहा है और इसी के मद्देनजर पिछले साल जनवरी में भारत ने रवांडा के साथ रणनीतिक साझेदारी की। 

प्रधामंत्री के इस दौरे की जानकारी मीडिया को देते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) टी. एस. तिरुमूर्ति ने कह कि भारत बहुत जल्द रवांडा में अपना पहला मिशन शुरू करेगा। रवांडा के लिए भारत के वर्तमान उच्चायुक्त का आवास युगांडा के कंपाला में है। भारत ने रवांडा को 40 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया है और वहां भारत की ओर से प्रशिक्षण छात्रवृति कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।