खड़गपुर । 'मैं अकेला ही चला था, लोग मिलते गए, कारवां बनता गया।' हाल में संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में 28 सीटें जीतकर भारतीय राजनीति में भूचाल लाने वाली नवगठित 'आम आदमी पार्टी' के संयोजक अरविंद केजरीवाल की कहानी भी कुछ इसी तर्ज पर शुरू होती है। अरविंद को उनके मिशन में सफल बनाने वालों में बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिला स्थित आईआईटी-खड़गपुर के वर्तमान व पूर्ववर्ती छात्रों के विशाल नेटवर्क की सक्रिय भूमिका रही है।

आईआईटी खड़गपुर के 1989 बैच के एल्युमनी अरविंद ने आइआइटी- केजीपी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की थी। समाज सेवा को अपना मिशन मानने वाले केजरीवाल ने समाजसेवी अन्ना हजारे के जन लोकपाल बिल पर दिल्ली में शुरू किए आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जिसमें खड़गपुर आईआईटी छात्रों ने भी काफी मदद की थी। इसके बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अरविंद की पार्टी बनाने में भी इन छात्रों का विशेष योगदान रहा। मतदान के दौरान सात दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के लिए काम करने वाले आईआईटी-केजीपी के छात्र अटल आशुतोष अग्रवाल बताते हैं कि जो लोग दिल्ली नहीं जा सके उन्होंने सोशल नेटवर्किंग के जरिये 'आप' के समर्थन में काफी काम किया। यहां के छात्रों ने सोशल नेटवर्किंग व दूरभाष से अपने जानने वालों से संपर्क कर 'आप' के पक्ष में मतदान की अपील की। अटल ने बताया कि उन्होंने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से 'आप' के उम्मीदवार सोमनाथ भारती व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ मैदान में उतरे केजरीवाल के लिए प्रचार किया था।

आईआईटी  में भी 'आप' की जीत का जश्नआठ दिसंबर को दिल्ली विधानसभा का चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही देर शाम आइआइटी खड़गपुर के कैंपस में 'आप' समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया।

जनवरी में केजरीवाल को आइआइटी केजीपी लाने की तैयारीआम आदमी पार्टी के सक्रिय समर्थक व आइआइटी खड़गपुर के छात्र रीतेश कुमार व अटल आशुतोष अग्रवाल बताते हैं कि पूर्व एल्युमनी अरविंद केजरीवाल को जनवरी में कैंपस बुलाने की कोशिश शुरू हो गई है।

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