नई दिल्ली । भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का हर बड़े मौके पर विरोध करने वाले वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में जीत का श्रेय दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री को दिया है। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत रमन सिंह, शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे सिंधिया पहले ही जीत में नरेंद्र मोदी के प्रभाव को स्वीकार कर चुके हैं। आडवाणी पहले भी गुजरात की तुलना में मध्य प्रदेश के विकास की सराहना कर चुके हैं।

संसद परिसर में विधानसभा चुनावों के नतीजों में मोदी प्रभाव पर आडवाणी ने कहा, 'रमन सिंह और शिवराज सिंह चौहान ने अपने-अपने राज्यों में बहुत अच्छा काम किया। उन्हें पार्टी के संसदीय बोर्ड में लाने पर विचार किया जा रहा है।' छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व राजस्थान में पार्टी की जीत और दिल्ली में सबसे बड़ा दल बनने में मोदी के प्रभाव पर चर्चा हो रही हो। ऐसे में आडवाणी के इस बयान को अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि आडवाणी पहले भी मोदी को भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने का विरोध कर चुके हैं। यही नहीं, वह मोदी के साथ शिवराज को भी संसदीय बोर्ड में लाने की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि, पार्टी ने आडवाणी के विरोध को दरकिनार करते हुए मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी। वैसे आडवाणी ने खुलकर विधानसभा चुनावों में मिली जीत में मोदी के प्रभाव को नहीं नकारा है, लेकिन परोक्ष रूप से वे यही संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश या देश में नरेंद्र मोदी की लहर या प्रभाव को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हालिया नतीजे केंद्र सरकार की नाकामियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा है।

इसमें किसी के पक्ष में समर्थन नहीं है। मुलायम ने उत्तर प्रदेश में अरविंद केजरीवाल की आप के भविष्य को भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यूपी में किसी नए राजनीतिक दल के लिए कोई भविष्य नहीं है।

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