युवराज सिंह

सिक्सर

कोलकाता के प्रदर्शन से एक बार फिर साबित हो गया है कि इस तरह के टूर्नामेंट में सही समय पर फॉर्म में आना बहुत जरूरी है। टूर्नामेंट के अहम पड़ाव पर उन्होंने अपने खेल के स्तर को उठाया और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस समय वे पूरे आत्मविश्वास और साहस से भरे दिखाई दे रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि कोई भी उन्हें रोक नहीं सकता। आठ मैच लगातार जीतने का यह मतलब है कि इस टीम ने कुछ बेहद खास किया है और फाइनल में इस टीम को हराने के लिए विपक्षी टीम को सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।

नाइटराइडर्स को उन्हीं के घर में हराना कभी भी आसान नहीं हो सकता। खासतौर से पंजाब के लिए, जो अपने बल्लेबाजों पर बहुत ज्यादा निर्भर है। नाइटराइडर्स ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। ईडन का विकेट थोड़ा पेचीदा है। यहां रन बनाना आसान नहीं है और उस पर आपका सामना सुनील नरेन एंड कंपनी से हो जाए तो यह काम और भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस परंपरा के उलट मैच के स्टार उमेश यादव रहे, जिन्होंने तीन विकेट लेकर सितारों से भरी पंजाब टीम की कमर तोड़कर रख दी।

दूसरे मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने बेहद आसानी से मुंबई इंडियंस को हरा दिया। उनके गेंदबाजों ने बखूबी अपना काम किया और मुंबई को ऐसे स्कोर पर रोक दिया, जिसका पीछा करने में उन्हें कम ही मुश्किल होने वाली थी। उन्हें अच्छी शुरुआत मिली और मध्य क्रम ने चीजों को हाथ से फिसलने नहीं दिया।

किंग्स इलेवन पंजाब और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होने वाले अगले मैच के बेहद रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। दोनों ही टीमें बराबर की हैं और दावेदार को चुनना बेहद मुश्किल काम है। निश्चित तौर पर फाइनल में अपनी जगह पाने के लिए पंजाब मजबूती के साथ वापसी करेगी। उनके लिए यह अच्छी बात है कि वानखेड़े स्टेडियम का विकेट उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अनुकूल है। मगर चेन्नई हमेशा ही एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी रहा है और उसके पास बड़े मैच खेलने का अपार अनुभव है। उम्मीद है कि सर्वश्रेष्ठ टीम जीत हासिल करेगी।

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