मुंबई। चेन्नई के खिलाफ खेली गई बेहतरीन शतकीय पारी को सहवाग ने अपने बेटे को समर्पित करते हुए बताया कि मेरे बेटे को उसके दोस्त ताना मारते थे कि उसके पापा ज्यादा रन नहीं बना पा रहे हैं। अपनी पारी के बाद उन्होंने कहा, 'मेरी पत्नी का फोन आया तो मेरी बात अपने बेटे से हुई। उसने कहा कि पापा आप क्या कर रहे हैं, आप जल्दी आउट हो जाते हैं तो मेरे दोस्त मुझे चिढ़ाते हैं। मैंने उससे कहा कि बेटा रुक जाओ, अभी बहुत मैच बाकी हैं। उम्मीद है कि इस पारी के बाद कोई उसे कुछ नहीं कहेगा।'

गौरतलब है कि शुक्रवार को मुंबई में हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के दूसरे क्वालीफायर मैच में किंग्स इलेवन पंजाब ने चेन्नई सुपर किंग्स को 24 रनों से हरा कर पहली बार फाइनल में पहुंचा। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग का बल्ला खूब चला। वीरू ने अपने पुराने फॉर्म में लौटते हुए सीएसके के गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर खूब दौड़ाया। वीरू ने धुआंधार पारी खेलते हुए 58 गेंदों में 122 रन बनाए। अपनी तूफानी पारी के दौरान सहवाग ने 8 छक्के और 12 चौके लगाए।

वहीं चेन्नई की तरफ से सुरेश रैना ने तेज और उम्दा पारी खेलकर मैच को एकतरफा नहीं होने दिया। रैना ने 25 गेंद पर 87 रन बनाकर टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई। लक्ष्य विशाल था बावजूद इसके जब तक वह क्रीज पर थे मैच चेन्नई के कब्जे में नजर आ रहा था। लेकिन पंजाब के कप्तान जॉर्ज बेली के एक सटीक थ्रो पर वह रन आउट हो गए और यहां से मैच पर पंजाब ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत बना ली। रैना ने आइपीएल का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक (16 गेंद) लगाया और अपनी पारी में कुल 12 चौके और छह छक्के उड़ाए।

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