नई दिल्ली। आइपीएल-7 के रोमांचक सेमीफाइनल (क्वॉलीफायर-2) मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच हाई स्कोरिंग मैच में निर्णय हुआ। इस मैच में नजफगढ़ के नवाब वीरेंद्र सहवाग (58 गेंदों में 122 रन) की धुआंधार पारी ने बेशक जीत चेन्नई के हाथों से दूर कर दी हो लेकिन 227 के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई के एक सुपरकिंग ने ऐसी पारी खेली कि जवाब नहीं। अगर ये बल्लेबाज कुछ देर और संयम से खेल जाता तो शायद मैच का नतीजा अलग ही होता और अद्भुत होता। पारी के शुरुआती पांच ओवरों में जो हुआ उसने कुछ देर के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर मौजूद हजारों दर्शकों के होश उड़ा दिए।

चेन्नई के ये धुरंधर थे गाजियाबाद के सुरेश रैना। ये बल्लेबाज तब पिच पर आया जब पारी की दूसरी ही गेंद पर ओपनर फैफ डु प्लेसिस (0) आउट हो गए थे। रैना ड्रेसिंग रूम से ही सेट होकर आए थे कि उन्हें क्या करना है। आते ही उन्होंने मिचेल जॉनसन की एक तेज शॉर्ट गेंद पर चौका जड़ दिया और अपने इरादे जाहिर कर दिए। इसके बाद अगले पांच ओवरों तक जबरदस्त 'रैना सुनामी' आया। रैना ने मात्र 25 गेंदें खेलीं और 348 के स्ट्राइक रेट के साथ 87 रन जड़ डाले। रैना की इस पारी में 12 चौके और 6 छक्के देखने को मिले। यानी 25 में से 18 गेंदें बाउंड्री पार ही गईं।

रैना के कहर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन के अंदर चेन्नई का पहला विकेट गिरा जबकि पांच ओवरों के अंदर जब अगला विकेट गिरा, तब तक 67 रन बन चुके थे और इन 67 रनों में स्मिथ का योगदान मात्र 6 रन का ही था। वहीं, 6 ओवरों की समाप्ति पर स्कोर 100 पार हो गया। हालांकि रैना सातवें ओवर की पहली ही गेंद पर बल्लेबाजी के छोर पर ना रहने के बावजूद दुर्भाग्यवश रूप से रन आउट हो गए, लेकिन अपनी पारी के दम पर वो जीत के लिए बेहतरीन मंच दे गए। ये बात अलग रही कि बाकी के बल्लेबाज इस शुरुआत को अंजाम तक ना ले जा सके और चेन्नई ने 24 रनों से मैच गंवा दिया।

नोएडा के इस गेंदबाज का वो छठा ओवर..:


चेन्नई की पारी का छठा ओवर सुरेश रैना की धुआंधार इनिंग का सबसे खास ओवर रहा। नोएडा के युवा गेंदबाज परविंदर अवाना के इस ओवर में उनके पड़ोसी शहर गाजियाबाद के सुरेश रैना ने 33 रन जड़ डाले। इस ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने छक्का जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए और उसके बाद हर गेंद पर बाउंड्री लगी। दूसरी गेंद पर भी छक्का, तीसरी गेंद पर चौका, चौथी गेंद पर चौका, पांचवीं गेंद नो बॉल रही लेकिन इस पर भी चौका, दोबारा फेंकी गई पांचवीं गेंद पर भी चौका और आखिरी गेंद पर भी चौका। दो छक्कों और पांच चौकों से सजे इस ओवर ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को कदमों पर खड़ा कर दिया।

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