Friday, October 7, 2022
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भारत-चीन के बीच पीपी-15 गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स एरिया पर डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया होगी पूरी

बन सकता है 2-4 किमी का बफर जोन

नई दिल्ली । भारतीय क्षेत्र पूर्वी लद्दाख की सीमा पर में पेट्रोल पॉइंट-15, गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स एरिया पर भारत और चीन के बीच डिसइंगजमेंट की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लद्दाख गतिरोध की निगरानी कर रहे अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस डिसइंगजमेंट प्रोसेस के तहत दोनों देशों के सैनिक अपने पूर्व तैनाती बिंदुओं पर वापस लौट जाएंगे, साथ ही इस क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी आधारभूत संरचनाओं को भी नष्ट कर देंगे। भारत और चीन के बीच कोर कमांडर लेवल की 16वीं बैठक के बाद गत 8 सितंबर को दोनों देशों ने इस बहुप्रतीक्षित डिसइंगेजमेंट प्रोसेस की घोषणा की थी।
भारत और चीन की सेनाओं ने बयान जारी किया कि उनके अग्रिम पंक्ति के सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में पीपी-15 से पीछे हटना शुरू कर दिया है, जहां भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) 28 महीनों से अधिक समय से गतिरोध में थीं। अधिकारियों में से एक ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत 2 से 4 किमी के बफर जोन (ऐसा क्षेत्र जिसमें दोनों देशों की सेनाएं कोई मूवमेंट नहीं करेंगी) के निर्माण की संभावना है, जैसा कि पिछले साल वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के समीप वाले गतिरोध बिंदुओं पर किया गया था। एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘पीपी-15 से डिसइंगेजमेंट एक समन्वित और नियोजित तरीके से आगे बढ़ रहा है। प्रक्रिया के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारी संयुक्त सत्यापन करेंगे। इसके 12 सितंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।’
लद्दाख सेक्टर में पर गतिरोध बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों का डिसइंगेजमेंट एक साल से अधिक समय से अटका हुआ था। आखिरी बार अगस्त 2021 में, दोनों देशों की सेनाओं ने गोगरा सेक्टर (पीपी-17ए) से अपने सैनिकों को पीछे हटाया था। दोनों पक्षों ने 31 जुलाई, 2021 को कोर कमांडर-रैंक के अधिकारियों के बीच 12वें दौर की सैन्य वार्ता के बाद 4-5 अगस्त, 2021 को गोगरा सेक्टर से अपने सैनिकों को पीछे हटाया था, जो एलएसी पर गतिरोध बिंदुओं में से एक था।
भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख सीमा पर मई 2020 से तनावपूर्ण गतिरोध चल रहा है। अब तक 16 दौर की सैन्य वार्ता के बावजूद, दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में देपसांग बुलगे और डेमचोक सेक्टर में चारडिंग नाला जंक्शन (सीजेएन) पर जारी गतिरोध का समाधान निकालने को लेकर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच अब भी बातचीत चल रही है। दोनों सेनाओं ने जून, 2020 में 8 दौर की बातचीत की, 2021 में 5 दौर की, और इस साल अब तक 3 दौर की बातचीत हुई है। गलवान घाटी, पैंगोंग त्सो, गोगरा (पीपी17-ए) और अब पीपी-15 से 4 दौर के डिसइंगेटमेंट के बावजूद, दोनों सेनाओं के करीब 60,000 सैनिक हैं और उन्नत हथियार लद्दाख थिएटर में तैनात हैं।

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