नौतपा और सूर्य में क्या है संबंध, इस दौरान क्या करें और क्या ना करें

25 मई 2022 से नौतपा आरंभ होने जा रहा है। प्रत्येक वर्ष रोहिणी नक्षत्र में नौतपा आरंभ होता है। नौतपा का सीधा संबंध ग्रहों के अधिपति सूर्य देव से है। ज्येष्ठ माह के रोहिणी नक्षत्र में नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है और 9 दिनों तक रहेगा। वैज्ञानिक दृष्टि से नौतपा में खास सतर्क रहने की आवश्यक है। नौतपा के दौरान सूर्य की तपिश की वजह से भीषण गर्मी पड़ती है। वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं और वातावरण गर्म हो जाता है, जिससे आंधी और तुफान की स्थिति बन जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह और नक्षत्र की यह स्थिति अमंगल और अशुभता का संकेत देती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दौरान कई कार्य करने की मनाही है। इसलिए इन दिनों में कुछ भी नया कार्य नहीं करने चाहिए, क्योंकि नौतपा के दिनों में किसी भी कार्य में सफलता मिलने की संभावना कम हो जाती है। आइए जानते हैं कौन से कार्य को नौतपा के दिनों में नहीं करना चाहिए।

 
क्या कहता है ज्योतिषशास्त्र
ग्रहों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए देश के पूर्वी पश्चिमी और दक्षिणी भाग में दैवीय आपदाएं आने की संभावना है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार सूर्य की ऐसी स्थिति अमंगल और अशुभ का संकेत दे रही है। ऐसी स्थिति में कुछ भी कार्य शुरू करने से पहले कई बार विचार करना आवश्यक है। 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा। यह रोहिणी नक्षत्र के दौरान होता है।

 
नौतपा में क्या न करें

नौतपा के दौरान सूर्य की भीषण गर्मी, धूल भरी आंधी और वर्षा की संभावना आदि को देखते हुए लोगों को शादी, विवाह जैसे शुभ और मांगलिक कार्य न करें।
 
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में होने के कारण सूर्य की सीधे किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं। इसलिए तेज हवाएं, बवंडर आदि की स्थिति के चलते दूर की यात्रा न करें।
 
सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों तक रहते हैं, इस कारण गर्मी के साथ-साथ बारिश होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इस कारण लोगों को समाजिक कार्यक्रमों से बचना चाहिए।

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