Tuesday, December 6, 2022
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WHO का दावा- 66 बच्चों की मौत की वजह भारतीय कंपनी के 4 कफ सिरप, जांच शुरू

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय कंपनी के 4 सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है। WHO ने कहा कि गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत की वजह ये सिरप हो सकते हैं।

अलर्ट के बाद भारत सरकार ने हरियाणा की उस फॉर्मास्यूटिकल्स कंपनी में जांच शुरू कर दी है, जहां यह सिरप बनते हैं। DGCI ने हरियाणा ड्रग्स रेग्युलेटरी से भी डिटेल रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह चार सिरप के लिए अलर्ट जारी किया

प्रोमेथाज़िन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ सिरप, मकॉफ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप।

WHO की मेडिकल रिपोर्ट में क्या है?

WHO ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लैब में हुई जांच के दौरान मेडेन फार्मास्यूटिकल्स के चार कफ और कोल्ड सिरप में जरूरत से ज्यादा डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद WHO के प्रवक्ता ने कहा कि कफ सिरप पीने से गुर्दे की गंभीर चोटों और बच्चों में 66 मौतों से संभावित रूप से जुड़े हुए हैं। डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों में मरीजों को और नुकसान से रोकने के लिए ऐसे उत्पादों का पता लगाने और हटाने की सलाह दी है. इस तरह के प्रोडक्ट्स का पता अबतक केवल गाम्बिया में पता चला है.

आगे भी जारी रहेगी जांच

डब्ल्यूएचओ इस भारतीय कंपनी के संबध में आगे भी जांच जारी रखेगा और भारत में नियामक संस्थाओं से भी संपर्क में है। हालांकि हरियाणा की इस फार्मा कंपनी ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रास घेबरेसस ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारतीय कंपनी मेडिन फार्मा की चार कफ सिरप को लेकर जांच जारी है। इस खराब उत्पाद के कारण खराब सेहत की शिकायत अब तक केवल गाम्बिया में ही मिली है। हालांकि यह दवा अन्य देशों में भी वितरित की गई होगी।

सूत्रों के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने 29 सितंबर को भारत के औषधि महानियंत्रक को सूचित किया था कि वह गाम्बिया को तकनीकी सहायता व सलाह दे रहा है। सीडीएससीओ ने कहा कि उसने राज्य नियामक प्राधिकरण के साथ मामले को उठाकर, सूचना मिलने के एक-डेढ़ घंटे के भीतर डब्ल्यूएचओ को जवाब दिया। इसके अलावा, हरियाणा राज्य औषधि नियंत्रक के सहयोग से मामले में तथ्यों और विवरणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू की गई।प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मेडेन फार्मास्युटिकल लिमिटेड, सोनीपत, हरियाणा, संदर्भ के तहत उत्पादों के लिए राज्य दवा नियंत्रक द्वारा लाइसेंस प्राप्त निर्माता है। सूत्र ने कहा कि कंपनी ने अब तक केवल गाम्बिया को इन उत्पादों का निर्माण और निर्यात किया है।

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