Thursday, December 8, 2022
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‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने वाले छात्र को दंडित करने के आरोप में दो शिक्षकों पर एक्शन

भोपाल| मध्य प्रदेश में पुलिस ने एक निजी स्कूल के दो शिक्षकों के खिलाफ स्कूल सभा के दौरान 'भारत माता की जय' का नारा लगाने पर एक छात्र को कथित रूप से दंडित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। घटना बुधवार को गुना के क्राइस्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है। गुरुवार को परिवार के सदस्यों और कुछ सामाजिक संगठनों ने स्कूल परिसर के सामने धरना दिया। दक्षिणपंथी सदस्यों का एक समूह भी विरोध में शामिल हुआ और स्कूल परिसर में 'हनुमान चालीसा पाठ' का आयोजन किया।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को मामले का संज्ञान लिया और गुना जिला पुलिस को नारे लगाने के लिए छात्र को दंडित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। मिश्रा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने तुरंत अधिकारियों से बात की। पुलिस के अनुसार, शिक्षकों- जस्टिन और जसमीना खातून पर आईपीसी की धारा 323, 506 और 34 और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

छात्र शिवांश जैन ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि राष्ट्रगान के बाद उन्होंने 'भारत माता की जय' का नारा लगाया। इसी बीच जस्टिन सर आए और उन्होंने मुझे लाइन से हटाकर कहा- तुम क्या कह रहे हो, जाओ घर जाओ। उसके बाद मेरे हिंदी टीचर ने आकर कहा कि जाकर अपनी क्लास टीचर से मिलो। जब मैं क्लास टीचर से मिला तो उन्होंने भी मुझे डांटा।

छात्र ने अपनी शिकायत में लिखा- उसके बाद, मैं कक्षा में पहुंचा। मेरे एक सहपाठी को रेड हाउस का उप-कप्तान चुना गया है, जिस पर मेरी कक्षा की शिक्षिका जसमीना खातून ने कहा कि, एक लड़का कक्षा को गौरवान्वित कर रहा है और मैं कक्षा का नाम खराब कर रहा हूं। उसके बाद मैडम ने मुझे अगले चार पीरियड्स के लिए जमीन पर बिठाया।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने कहा कि स्कूल को राजनीति का अड्डा नहीं होना चाहिए। मुझे लगता है कि एफआईआर दर्ज करना सही नहीं है। देश के समर्थन के लिए नारे लगाए जा रहे हैं, इसे रोका नहीं जाना चाहिए। हर स्कूल के अपने नियम हैं, कहीं नारे लगाना सही है और कहीं गलत है, लेकिन देश के समर्थन में नारे लगाना बंद नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना सही है। उन्हें ठीक से सलाह दी जा सकती थी।

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