जयपुर । दीवाली के बाद अब देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन शुरु हो रहा है। ऐसे में लोग जयपुर समेत अन्य जिलों में प्रशासन से अनुमति ले रहे हैं। इसके लिये एसडीएम और एडीएम कार्यालयों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शादियों के बढ़ते आवेदनों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की चिंता भी बढ़ रही है। इसके ‎चलते राज्य के गृह विभाग ग्रुप-9 की ओर से जारी गाइडलाइन पालन करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि प्रदेशभर में शादियों में करीब 5 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने थानावार टीम गठित कर इनकी निगरानी करने की तैयारी कर ली है। लेकिन, बिना आमजन के सहयोग के प्रशासन कड़ा एक्शन नहीं ले सकता। गृह विभाग की गाइडलाइन के अनुसार आयोजकों को 12 शर्तों का पालन करना पड़ेगा। इस क्रम में विवाह समारोह में 100 से अधिक मेहमान मिलने पर संबंधित आयोजनकर्ता के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। शादी से पहले आयोजनकर्ता को क्षेत्र के एसडीएम को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी। वहीं, शादी समारोह में कोरोना से बचाव के लिये तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। शादी समारोह में इन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान समारोह में स्क्रीनिंग एवं स्वच्छता सुनिश्चित होनी चाहिये, प्रवेश एवं निकास के बिंदुओं पर थर्मल स्कैनिंग, हैंड वॉश एवं सेनेटाइजर के प्रावधान करने होंगे। फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। नो मास्क-नो एंट्री की सख्ती से पालना करनी होगी। किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने लगाया जायेगा। दूल्हा- दुल्हन का पहचान पत्र जरुरी होगा। उनके आयु प्रमाण पत्र भी जरुरी है। साथ ही दूल्हा- दुल्हन के माता-पिता का पहचान पत्र होना आवश्यक है। दूल्हा- दुल्हन के विवाह स्थल का पता एवं विवाह स्थल का थाना क्षेत्र की पहचान देनी होगी। शादी के आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित एसडीएम कार्यालय में देनी होगी। 100 से अधिक लोग शादी के आयोजन में शामिल नहीं हो सकेंगे। शादी में 2 गज दूरी की दूरी रखनी जरुरी होगी।